यरुशलम. इजरायली सरकार में शामिल अति दक्षिणपंथी दल के मंत्री इत्मार बेन-गिविर ने रविवार को यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर में जाकर पूजा की। यहूदी इस स्थान को टेंपल माउंट कहते हैं और इसे अपना सबसे पवित्र स्थल मानते हैं जबकि इस्लाम में अल-अक्सा मस्जिद तीसरा सबसे पवित्र स्थल है। दोनों धर्मों के लोगों के दावे के चलते सैकड़ों वर्षों से यह स्थान अशांत बना हुआ है। बेन-गिविर के दौरे से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। गाजा में जारी युद्ध के बीच इजरायली मंत्री के इस दौरे की निंदा हो रही है। इस बीच इजरायली सेना ने गाजा में रविवार को खाने की तलाश में निकले 27 और लोगों को फायरिंग में मार डाला। बेन-गिविर का यह दौरा मुस्लिम जगत को उकसाने वाला और लंबे समय से बनी यथास्थिति को तोड़ने वाला माना जा रहा है।
गाजा में परमाणु बम डालने की मांग कर चुके हैं बेन-गिविर
मस्जिद परिसर में लंबे समय से यहूदी पूजा नहीं करते हैं जबकि वहां पर नमाज पढ़ी जाती है। मस्जिद परिसर में इजरायल की पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि बेन-गिविर के दौरे से पवित्र स्थल के लिए बनी व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा। बेन-गिविर वही मंत्री हैं जो गाजा युद्ध के दौरान वहां पर परमाणु बम डालने की सरकार से मांग कर चुके हैं। वह गाजा में युद्धविराम के घोर विरोधी और उस पर इजरायल के स्थायी कब्जे के पक्षधर हैं।
पूरी दुनिया में हो रहा इस बात का विरोध
बेन-गिविर 2021 में भी यरुशलम के पवित्र स्थल पर गए थे। तब विरोध में फलस्तीनी संगठनों और इजरायली सुरक्षा बलों के बीच लड़ाई छिड़ गई थी जो 11 दिन चली थी। गाजा के खान यूनिस शहर में स्थित जीएचएफ के राहत वितरण केंद्र के नजदीक हुई फायरिंग में रविवार को 11 लोग मारे गए जबकि अन्य 16 लोग विभिन्न स्थानों पर मारे गए। गाजा में भूखों पर फायरिंग के विरोध में रविवार आस्ट्रेलिया में 90 हजार लोगों ने एकत्रित होकर इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। विश्व में बढ़ रहे गुस्से को शांत करने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को रेडक्रास के अधिकारियों से मुलाकात कर उनसे गाजा में खाद्य सामग्री के वितरण की जिम्मेदार संभालने का अनुरोध किया।
साभार : दैनिक जागरण
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