बुधवार, मई 20 2026 | 03:39:03 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / आतंकवाद नासूर है, इसका विरोध मुसलमानों की नैतिक जिम्मेदारी : जमीयत उलेमा-ए-हिंद

आतंकवाद नासूर है, इसका विरोध मुसलमानों की नैतिक जिम्मेदारी : जमीयत उलेमा-ए-हिंद

Follow us on:

नई दिल्ली. जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है. उसने कहा कि ऐसे कृत्य न केवल अमानवीय हैं, बल्कि देश की एकता और सौहार्द को भी चोट पहुंचाते हैं. सम्मेलन में मारे गए पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई. जमीयत ने सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की.

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कही ये बड़ी बात

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सम्मेलन में कहा कि आतंकवाद एक नासूर है, जो इस्लाम के शांति और मानवता पर आधारित सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है. इसलिए इसके विरुद्ध आवाज उठाना हर मुसलमान की नैतिक जिम्मेदारी है. मुस्लिम संगठन ने कहा कि बुजुर्गों और उनके पूर्वजों ने सांप्रदायिक सौहार्द, एकता, भाईचारे और सद्भाव के लिए जिस हिम्मत, ईमानदारी और निरंतर प्रयास से संघर्ष किया है, वह जमीयत उलेमा-ए-हिंद का सुनहरा अध्याय है.

कश्मीरी लोगों के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने क्या कहा?

इस सम्मेलन में कश्मीरी लोगों की मदद और मानवता के भाव की सराहना की गई, जिन्होंने हमले के बाद पर्यटकों को न सिर्फ सुरक्षा दी, बल्कि उन्हें खाना भी खिलाया और बिना किराए के होटल तक पहुंचाया. जमीयत ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लोगों ने पर्यटकों की जो मदद की उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है. उसने आगे कहा, “यह पहलगाम हमला केवल जम्मू-कश्मीर ही नहीं, पूरे देश के लिए दुखद है. आतंकवाद के खिलाफ इस व्यापक एकता के बावजूद कुछ तत्वों द्वारा नफरत फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.”

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भारत सरकार से की ये मांग

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भारत सरकार से मांग की कि इस हमले में शामिल आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जो भी कदम सरकार आतंकवाद के उठाएगी, वो पूरा समर्थन देगी.

साभार : एबीपी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

गर्मियों में छायादार शेड के नीचे बंधी गाय और भैंस

गर्मियों में पशुओं की देखभाल: हीट स्ट्रेस से बचाने के व्यापक, वैज्ञानिक और जरूरी उपाय

कानपुर | रविवार, 17 मई 2026 गर्मी का मौसम इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए …