इस्लामाबाद. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के तार एक बार फिर पाकिस्तान से जुड़े नजर आए. ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है. दुनिया को दिखाने के लिए पाकिस्तान मिसाइल टेस्ट कर रहा है और अपनी सेना को मजबूत करने में जुटा है, लेकिन सच्चाई तो इस दिखावे से कोसों दूर है. खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के पास अब इतना भी गोला-बारूद नहीं बचा कि वह किसी पूर्ण युद्ध में महज चार दिन तक भी टिक पाए.
पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां बेहद कमजोर
हाल ही में आईं रिपोर्ट्स के हवाले से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां बेहद कमजोर स्थिति में हैं. अगर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो पाकिस्तान के पास सिर्फ तीन-चार दिन तक युद्ध में लड़ने लायक गोला-बारूद ही मुश्किल से बचा है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने हाल के महीनों में भारी मात्रा में गोला-बारूद यूक्रेन और संभवतः इजरायल को निर्यात किए हैं.
पाक ने किया खुद को कमजोर
इसके बाद नतीजा यह हुआ कि पाक की खुद की रक्षा क्षमताएं बुरी तरह से कमजोर हो चुकी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी से मार्च 2023 के बीच पाकिस्तान ने करीब 42,000 BM-21 रॉकेट, 60 हजार 155 MM हॉवित्जर शेल्स और 1.3 लाख 122 MM रॉकेट यूक्रेन को भेजे, जिससे उसे 36.4 करोड़ डॉलर की कमाई हुई.
आर्मी हेडक्वार्टर में 80% राशि
बताया जाता है कि इसमें से 80 प्रतिशत राशि सीधे रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान आर्मी हेडक्वार्टर में चली गई. इसी साल पाकिस्तान की हथियार निर्यात आय 1.3 करोड़ डॉलर से बढ़कर 41.5 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई थी, लेकिन इस सौदेबाजी के खेल में पाकिस्तान ने अपने हाथ काट डाले. आज स्थिति यह है कि उसके पास न तो गोला-बारूद बचे हैं, न संयम और न ही विश्वसनीय कूटनीति.
पाकिस्तान अपना रहा पुराना औजार
अब इसी कमजोर होती सैन्य स्थिति के बीच पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की खबरें भी सुराग दे रही हैं कि पाकिस्तान अपनी परंपरागत नीति ‘परदे के पीछे से हमला’ करने की ओर लौट रहा है. जब सीधी जंग लड़ने की हिम्मत न हो, तब आतंक ही उसका सबसे पुराना औजार रहा है. पहलगाम जैसे संवेदनशील पर्यटक स्थल पर किया गया हमला देश की आंतरिक शांति को भंग करने की एक हताश कोशिश है, ताकि खुद की नाकामियों से ध्यान भटकाया जा सके.
भारत ने अपनी सैन्य ताकत को किया मजबूत
इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि पाकिस्तान की सेना इस समय बेहद कमजोर हालात में है और लंबी लड़ाई लड़ने की स्थिति में नहीं है, जबकि भारत लगातार अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है. खासकर राफेल, स्वदेशी तेजस और एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम भारत की बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं. भारत सामरिक दृष्टि से बहुत मजबूत, आत्मनिर्भर और तैयार है.
साभार : जी न्यूज
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