शुक्रवार, मई 15 2026 | 01:43:04 AM
Breaking News
Home / अन्य समाचार / सबरीमाला मंदिर में परत चढ़ाने की जगह खुद हड़पा सोना, केरल उच्च न्यायालय ने दिए जांच के आदेश

सबरीमाला मंदिर में परत चढ़ाने की जगह खुद हड़पा सोना, केरल उच्च न्यायालय ने दिए जांच के आदेश

Follow us on:

तिरुवनंतपुरम. केरल के प्रसिद्ध सबरीमला मंदिर में सोने की चोरी के आरोपों को लेकर अब सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने इस मुद्दे पर देवस्वम बोर्ड मंत्री वी.एन. वासवन के इस्तीफे की मांग करते हुए लगातार दूसरे दिन केरल विधानसभा की कार्यवाही ठप कर दी. प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए तख्तियां लहराने लगे. विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने दोहराया कि जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते, विपक्ष सदन नहीं चलने देगा.

सोमवार को केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में द्वारपालक मूर्तियों के स्वर्ण या तांबे के आवरण में गड़बड़ी के आरोपों की विस्तृत जांच का आदेश दिया. अदालत ने एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) एच. वेंकटेश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है. यह जांच त्रिशूर के केईपीए के सहायक निदेशक एस. शशिधरन, IPS की निगरानी में होगी और इसे छह सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

जानें पूरा मामला

दरअसल मंदिर के गर्भगृह के बाहर द्वारपालक की पत्थर की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ी तांबे की शीटें लगी हैं. इन्हीं पर सोने की चोरी और गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. विपक्ष का आरोप है कि त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड ने इन शीटों को मरम्मत के लिए हटाकर उन्नीकृष्णन पोट्टी नामक स्पॉन्सर को सौंप दिया था. जानकारी के अनुसार, 2019 में पहली बार ये स्वर्ण-प्लेटेड पैनल मरम्मत के लिए हटाए गए थे. 39 दिन बाद इन्हें 38.258 किलो दर्ज वजन के साथ लौटाया गया, जबकि 4.541 किलो की कमी पाई गई. सितंबर 2025 में दोबारा मरम्मत के नाम पर पैनल हटाए गए, पर इस बार न्यायालय की पूर्व अनुमति नहीं ली गई. जांच के दौरान पोट्टी की बहन के तिरुवनंतपुरम स्थित घर से दो पेडस्टल बरामद किए गए. देवस्वम बोर्ड ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पैनल कभी भी उन्नीकृष्णन पोट्टी को नहीं सौंपे गए.

बोर्ड ने दी ये जानकारी

बोर्ड के मुताबिक, 14 स्वर्ण-प्लेटेड पैनलों का कुल वजन 38 किलो था, जिनमें 397 ग्राम सोना था. इनमें से 2 पैनल सबरीमला में ही रखे गए और 12 पैनल (कुल 22 किलो 281 ग्राम वजन और 291 ग्राम सोना) मरम्मत के लिए भेजे गए. चेन्नई की “स्मार्ट क्रिएशन्स” में जीर्णोद्धार के दौरान 10 ग्राम अतिरिक्त सोने का उपयोग किया गया. मरम्मत के बाद सभी पैनल उच्च न्यायालय के निर्देश पर मंदिर को लौटा दिए गए, और अब कुल सोने की मात्रा 407 ग्राम पाई गई.

बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 2019 की मरम्मत के समय “स्मार्ट क्रिएशन्स” और उन्नीकृष्णन पोट्टी ने 40 साल की वारंटी दी थी. चूंकि वारंटी पोट्टी के नाम पर थी, इसलिए 2025 में भी उसी प्रायोजक से संपर्क किया गया. बोर्ड ने सोने की चोरी के सभी आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है.

साभार : एबीपी न्यूज

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया का अद्भुत रहस्य: जब हजारों साल बाद एक साथ ‘परम उच्च’ होते हैं सूर्य और चंद्रमा

नई दिल्ली | सोमवार, 20 अप्रैल 2026 Akshaya Tritiya Rare Planetary Alignment: हिंदू धर्म और …