लोड हो रहा है...

आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बड़ा सम्मान मिला है. उन्हें आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है. इसकी घोषणा इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने सोमवार को की. वह आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले भारत के 11वें खिलाड़ी हैं. उनसे पहले सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को भी यह सम्मान मिल चुका है. धोनी के अलावा 6 अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया है.

इन दिग्गजों को भी सम्मान

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडन, साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान डेनियल विटोरी, साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज हाशिम अमला को भी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है. इनके अलावा पाकिस्तान की पूर्व महिला क्रिकेटर सना मीर को भी आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है. वह यह सम्मान पाने वाली अपने देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड की पूर्व क्रिकेटर सारा टेलर को भी सम्मानित किया गया है.

वनडे-टी20 से टेस्ट तक में धोनी सुपरहिट

- Advertisement -

धोनी लिमिटेड ओवर क्रिकेट में तीन बड़े टूर्नामेंट जीतने वाले इकलौते कप्तान हैं. उन्होंने 2007 में भारत को आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप, 2011 में वनडे वर्ल्ड कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाई थी. इतना ही नहीं, धोनी के रहते हुए टीम इंडिया पहली बार 2009 में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंची थी.

धोनी ने क्या कहा?

आईसीसी द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में 538 मैच खेलने वाले धोनी ने 17,266  रन बनाए. इस दौरान 829 शिकार किए. आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने पर पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ”आईसीसी हॉल ऑफ फेम में नामित होना सम्मान की बात है, जो विभिन्न पीढ़ियों और दुनिया भर के क्रिकेटरों के योगदान को मान्यता देता है. ऐसे सर्वकालिक महान खिलाड़ियों के साथ आपका नाम याद किया जाना एक अद्भुत एहसास है. यह कुछ ऐसा है जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा.”

साभार : जी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।