नई दिल्ली | शुक्रवार, 08 मई 2026
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के बीचों-बीच अनुशासन को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों और स्टाफ द्वारा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की खबरों के बाद, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों के लिए एक विस्तृत 8 पन्नों की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है।
‘हनी ट्रैप’ और सुरक्षा खतरों पर कड़ा प्रहार
बोर्ड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि कुछ खिलाड़ी टीम मैनेजर को सूचित किए बिना अपने होटल रूम में बाहरी व्यक्तियों को बुला रहे थे। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक और ‘हनी ट्रैप’ के खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
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नया नियम: अब कोई भी बाहरी व्यक्ति (चाहे वह सगा रिश्तेदार ही क्यों न हो) बिना टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के खिलाड़ी के कमरे में प्रवेश नहीं कर पाएगा।
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पब्लिक जोन मीटिंग: खिलाड़ियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मेहमानों से केवल होटल की लॉबी या सार्वजनिक स्थानों पर ही मिलें। होटल रूम को पूरी तरह से ‘प्राइवेट जोन’ घोषित कर दिया गया है।
रियान पराग वेपिंग विवाद और ड्रेसिंग रूम बैन
हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को ड्रेसिंग रूम में वेपिंग (ई-सिगरेट) करते हुए कैमरे पर पकड़ा गया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट लगाया है।
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पूर्ण प्रतिबंध: अब टूर्नामेंट वेन्यू, टीम बस, होटल और ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट या किसी भी प्रकार का नशा पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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कानूनी कार्रवाई: चूंकि भारत में ई-सिगरेट प्रतिबंधित है, इसलिए बोर्ड ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन होने पर न केवल बीसीसीआई बल्कि पुलिस और कानूनी एजेंसियां भी कार्रवाई कर सकती हैं।
टीम मालिकों के लिए ‘नो एंट्री जोन’
एक और बड़ा बदलाव टीम मालिकों के व्यवहार को लेकर किया गया है। अक्सर देखा जाता था कि मैच के दौरान मालिक खिलाड़ियों के काफी करीब रहते थे।
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अब मैच के दौरान टीम मालिक ड्रेसिंग रूम, डगआउट या प्लेइंग एरिया में खिलाड़ियों से शारीरिक संपर्क (जैसे गले मिलना) या सीधी बातचीत नहीं कर सकेंगे।
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उन्हें संवाद के लिए केवल बोर्ड द्वारा निर्धारित आधिकारिक चैनलों का ही उपयोग करना होगा।
बाहर जाने के लिए लेनी होगी अनुमति
खिलाड़ियों और स्टाफ को अब होटल परिसर से बाहर कदम रखने से पहले सिक्योरिटी अधिकारियों (SLO/TIO) से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बोर्ड हर सदस्य की मूवमेंट पर पैनी नजर रख सकेगा।
उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों की अनदेखी करने पर:
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भारी वित्तीय जुर्माना लगाया जाएगा।
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कारण बताओ नोटिस जारी होगा।
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मौजूदा या अगले सीजन के लिए निलंबन (Suspension) हो सकता है।
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गंभीर मामलों में मामला सीधे पुलिस को रेफर किया जाएगा।
सभी टीम मैनेजर्स को 48 घंटे के भीतर अपने खिलाड़ियों को इन नियमों की जानकारी देकर उनसे लिखित पावती (Acknowledgment) लेने के निर्देश दिए गए हैं।
Matribhumisamachar


