गाजियाबाद। रविवार, 31 मई 2026
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। खोड़ा थाना क्षेत्र में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान की बेरहमी से की गई हत्या के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने मुठभेड़ (Encounter) में ढेर कर दिया है। यह मुठभेड़ शनिवार देर रात और रविवार तड़के के बीच इंदिरापुरम/खोड़ा सीमा के पास हुई, जहां दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
शहर छोड़ने की फिराक में था असद, पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी असद पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था और वह वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि असद अपने एक दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा इलाके की तरफ आने वाला है, ताकि वह शहर छोड़कर भाग सके।
सूचना मिलते ही गाजियाबाद पुलिस और स्वात (SWAT) टीम ने इलाके की घेराबंदी की और चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध आते हुए दिखाई दिए। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बाइक चला रहे असद ने रुकने के बजाय सीधे पुलिस टीम पर फायरिंग झोंक दी।
50 राउंड फायरिंग और एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज कर बदमाशों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से लगभग 50 राउंड फायरिंग हुई। इस भीषण मुठभेड़ में मुख्य आरोपी असद गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर बाइक छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा।
घायल असद को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस क्रॉस-फायरिंग में खोड़ा थाने में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है।
क्या था पूरा मामला? (बकरीद के दिन की घटना)
बता दें कि यह पूरी घटना 28 मई (बकरीद के दिन) को शुरू हुई थी। नवनीत विहार कॉलोनी के रहने वाले 17 वर्षीय सूर्या चौहान को आरोपियों ने किसी बहाने से बुलाया था। चश्मदीदों और सूर्या के दोस्तों के मुताबिक, असद और उसके 5-6 साथियों ने सूर्या को घेर लिया और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या ने शुक्रवार को नोएडा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस मामले में कुल 5 आरोपी नामजद थे, जिनमें से 3 को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि असद मुख्य हमलावर था।
“आरोपियों के घरों पर चले बुलडोजर” — पीड़ित मां की भावुक मांग
असद के एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद सूर्या की मां सरोज ने पुलिसिया कार्रवाई पर संतोष तो जताया, लेकिन साथ ही सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
सूर्या की मां सरोज का बयान:
“जिस तरह मेरे बच्चे को तड़पा-तड़पा कर मारा गया, उन्हें भी उसी तरह की सजा मिलनी चाहिए। मैं चाहती हूं कि असद और इस हत्याकांड में शामिल उसके सभी साथियों के घरों पर योगी सरकार का बुलडोजर चलना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि उन्हें असद की लाश की तस्वीर दिखाई जाए, क्योंकि उन्होंने अभी तक अपने मरे हुए बेटे का चेहरा भी ठीक से नहीं देखा है।”
नवीनतम अपडेट और पुलिस की कार्रवाई
गाजियाबाद के डीसीपी (सिटी) धवल जायसवाल ने प्रेस नोट जारी कर एनकाउंटर की पुष्टि की है। पुलिस की कई टीमें अब उस फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं जो मुठभेड़ के दौरान असद के साथ था। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की मुस्तैदी बढ़ा दी गई है।
Matribhumisamachar


