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खैबर पख्तूनख्वा में हुए सुसाइड ब्लास्ट से पाकिस्तानी 2 पुलिसकर्मियों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. आतंकवाद को पनाह देने वाले देश पाकिस्तान का समय इस वक्त काफी बुरा चल रहा है। भारत द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पाकिस्तान थोड़ा संभला ही था कि देश में एक और बम ब्लास्ट ने उसे परेशानी में डाल दिया है। दरअसल, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में एक सुसाइड ब्लास्ट हुआ है। इस आत्मघाती हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है और कई लोग घायल भी हुए हैं। आइए जानते हैं इस घटना के बारे में सबकुछ।

पुलिस की मोबाइल वैन पर हमला

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में ये आत्मघाती हमला रविवार को रात के समय में हुआ है। स्थानीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आत्मघाती विस्फोट में कम से कम दो पुलिसकर्मी मारे गए हैं। वहीं, 3 अन्य लोग घायल हो गए हैं। हमलावर ने पेशावर के चमकनी पुलिस थाने के तहत आने वाले मवेशी बाजार के पास खड़ी पुलिस की मोबाइल वैन पर हमला किया है।

सीएम ने की हमले की निंदा

रविवार को हुए इस आत्मघाती हमले की खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने निंदा की है। उन्होंने इस पूरी घटना को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने बम विस्फोट में मारे गए दो पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कायरतापूर्ण हमलों से पुलिस का मनोबल नहीं गिरेगा।

आतंकी घटनाओं में 42 प्रतिशत बढ़ोतरी

आतंकवादियों को पनाह देना पाकिस्तान को खुद ही भारी पड़ रहा है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) नाम की थिंक टैंक ने इसे लेकर एक जरूरी आंकड़ा सामने रखा है। इसके मुताबिक, पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में बड़ी तेजी दिखाई दी है। बीते महीने के मुकाबले पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में 42 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।