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अमृतपाल सिंह की एनएसए के अंतर्गत 1 साल और बढ़ाई जाएगी डिटेंशन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पंजाब की खडूर साहिब सीट से लोकसभा सांसद अमृतपाल सिंह की NSA के तहत डिटेंशन एक साल बढ़ सकती है. सूत्रों की मानें तो पंजाब की भगवंत मान सरकार ने ये फैसला लिया है. 22 अप्रैल को अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल में 2 साल पूरे होंगे. अमृतपाल के साथ NSA के तहत जेल में बंद उनके 9 सहयोगियों को पंजाब वापस लाया जा चुका है लेकिन अमृतपाल को अभी असम में ही रखा जाएगा. खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह (32) वर्तमान में असम के डिब्रूगढ़ की जेल में बंद हैं. उन्हें 23 अप्रैल, 2023 को गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था. इससे पहले, राज्य सरकार ने सिंह के सहयोगियों की डिटेंशन अवधि नहीं बढ़ाई थी.

अमृतपाल के सहयोगियों को लाया गया था पंजाब

2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन हमले के सिलसिले में गिरफ्तार इन नौ सहयोगियों को एनएसए के तहत उनकी नजरबंदी समाप्त होने के बाद  पंजाब वापस लाया गया था. इनलोगों की पहचान बसंत सिंह, भगवंत सिंह उर्फ ​​प्रधान मंत्री बाजेके, गुरमीत सिंह गिल उर्फ ​​गुरमीत बुक्कनवाला, सरबजीत सिंह कलसी उर्फ ​​दलजीत सिंह कलसी, गुरिंदरपाल सिंह औजला उर्फ ​​गुरी औजला, हरजीत सिंह उर्फ ​​चाचा कुलवंत सिंह, धालीवाल उर्फ ​​कुलवंत सिंह, वरिंदर जोहल और पप्पलप्रीत सिंह के रूप में हुई.

2024 लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह को मिली जीत

‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने तरनतारन जिले के खडूर साहिब से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. मारे गए खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के नाम पर खुद को पेश करने वाले अमृतपाल को एक महीने से अधिक समय तक चली तलाशी के बाद 23 अप्रैल, 2023 को मोगा जिले के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था. 18 मार्च, 2023 को गाड़ी और अपना वेश बदलकर जालंधर जिले में पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला था. पंजाब पुलिस ने 23 फरवरी, 2023 को अजनाला की घटना के बाद कार्रवाई शुरू की.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।