होशियारपुर । रविवार, 5 जुलाई 2026
पंजाब की कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन को झकझोर देने वाली एक बड़ी कार्रवाई में, होशियारपुर की सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह को सीआईए (CIA) स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया है। जेल के भीतर कैदियों की मदद से नशीले पदार्थों (Drugs) और मोबाइल फोन की तस्करी करने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने अधिकारी समेत कुल 12 लोगों को दबोचा है।
यह पूरी कार्रवाई जेल में बंद एक गैंगस्टर द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में लगाए गए सनसनीखेज आरोपों की जांच के बाद अमल में लाई गई है।
गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना के वायरल वीडियो से हिला प्रशासन
इस पूरे काले कारोबार का खुलासा तब हुआ जब होशियारपुर जेल में बंद गैंगस्टर मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना ने बैरक के अंदर से एक वीडियो रिकॉर्ड करके वायरल कर दिया। वीडियो में मन्ना ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुहार लगाई थी।
वीडियो में कैदी मन्ना ने मुख्य रूप से ये दावे किए थे:
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जेब में सिंथेटिक नशा: मन्ना ने हाथ में एक पुड़िया दिखाकर उसमें ‘आइस’ (मेथामफेटामाइन – एक खतरनाक सिंथेटिक नशा) होने का दावा किया और पूछा कि सख्त सुरक्षा के बावजूद जेल के अंदर यह सब कहाँ से आ रहा है?
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अधिकारियों द्वारा जबरन वसूली: उसने आरोप लगाया कि जेल के बड़े अफसर खुद कैदियों से जेल के भीतर नशा बिकवाते हैं। जब मन्ना और उसके साथियों ने अफसरों को मोटी रकम (रिश्वत) देने से मना कर दिया, तो बाहर से पुलिसकर्मियों को बुलाकर उन्हें बेरहमी से पिटवाया और प्रताड़ित किया गया।
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बैरक में रात को संदिग्ध गतिविधियां: मन्ना ने दावा किया कि 11 तारीख को उसकी बैरक (चक्की नंबर 5) के पास चक्की नंबर 6 में रात के समय एक लड़का और लड़की आए थे, जहाँ गलत काम हो रहा था। सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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गैंगस्टर से आतंकवादी बनाने की साजिश: मन्ना ने वीडियो में चिल्लाते हुए कहा कि जेल अधिकारी सुधारने के नाम पर कैदियों को ‘गैंगस्टर से आतंकवादी’ बनाने पर तुले हुए हैं। उसने तंग आकर यहाँ तक कह दिया कि या तो उन्हें इस प्रताड़ना से बचाया जाए या फिर गोली मार दी जाए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: SIT ने खोली नेटवर्क की पोल
वीडियो के वायरल होते ही पंजाब पुलिस और जेल विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए होशियारपुर पुलिस ने तुरंत कदम उठाया:
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दर्ज हुई FIR: 14 जून को थाना होशियारपुर सिटी में पंजाब प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR नंबर 151 दर्ज की गई।
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SIT का गठन: होशियारपुर के एसएसपी डॉ. संदीप मलिक ने मामले की गहराई से पारदर्शी जांच के लिए एसपी मेजर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
SIT की गहन तकनीकी और व्यावहारिक जांच में सामने आया कि कैदी मन्ना द्वारा लगाए गए आरोपों में काफी सच्चाई थी। जेल के भीतर वाकई एक बेहद मजबूत और संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जो मोटी रकम के बदले कैदियों तक मोबाइल फोन और प्रतिबंधित नशीले पदार्थ पहुँचाता था।
डिप्टी सुपरिटेंडेंट और वार्डन समेत 12 आरोपी दबोचे
एसएसपी डॉ. संदीप मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस नेटवर्क के पूरी तरह ध्वस्त होने की पुष्टि की। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को नामजद कर गिरफ्तार किया है।
इस नेटवर्क में शामिल मुख्य चेहरों की सूची इस प्रकार है:
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जेल अधिकारी व कर्मचारी: डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह और जेल वार्डन रविंदर सिंह।
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कैदी और बाहरी तस्कर: मनप्रीत सिंह मन्ना (जिसने वीडियो बनाया), गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा, गुरविंदरजीत सिंह उर्फ हैप्पी, इंद्रजीत सिंह गिल, गुरप्रीत सिंह उर्फ मोनू, भूमि सिंह, गुरजिंदर सिंह उर्फ बूटर, हरविंदर सिंह उर्फ मनु, राकेश कुमार उर्फ केशा और बलजिंदर सिंह।
महत्वपूर्ण तथ्य
शुरुआती खबरों में यह बात पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी कि डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह की गिरफ्तारी किन पुख्ता सबूतों के आधार पर हुई है। लेकिन पुलिस की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साफ हो गया है कि एसआईटी (SIT) की जांच में उनके खिलाफ इस तस्करी नेटवर्क को संरक्षण देने और वित्तीय लेन-देन के डिजिटल व परिस्थितिजन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) मिले हैं, जिसके बाद ही यह बड़ी विभागीय कार्रवाई की गई है।
एसएसपी ने साफ किया है कि जेलों की सुरक्षा और कैदियों के मानवाधिकारों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार पंजाब की अन्य जेलों या सीमा पार के ड्रग तस्करों से तो नहीं जुड़े हैं।
Matribhumisamachar


