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पीयूष गोयल 18-19 जून 2025 तक यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 18 से 19 जून 2025 तक यूनाइटेड किंगडम की उच्चस्तरीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा ब्रिटेन के साथ अपनी आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने, विशेष रूप से दोनों प्रधानमंत्रियों द्वारा भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को समाप्त करने की घोषणा की पृष्ठभूमि में भारत के रणनीतिक फोकस को रेखांकित करती है।

वैश्विक व्यापार गतिशीलता के विकास के समय हो रही श्री गोयल की यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों में तेजी लाना, उभरते अवसरों का दोहन करना और एक दूरदर्शी, लचीले और पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक संबंध के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है।

श्री गोयल यात्रा के दौरान ब्रिटेन के व्यापार मंत्री श्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेता चल रही एफटीए वार्ता में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और इसे अंतिम रूप देने तथा लागू करने के लिए एक स्पष्ट, समयबद्ध रोडमैप तैयार करेंगे। श्री गोयल दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक प्राथमिकताओं, वित्तीय सहयोग और निवेश सुविधा पर चर्चा करने के लिए ब्रिटेन की राजकोष की चांसलर सुश्री रेचल रीव्स से भी मिलेंगे।

श्री गोयल रचनात्मक उद्योगों और नवाचार-संचालित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए संस्कृति, मीडिया और खेल राज्य सचिव सुश्री लिसा नंदी के साथ भी बैठक करेंगे।

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श्री गोयल प्रतिष्ठित इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) में कई उच्च-प्रभाव वाले सत्रों में भाग लेंगे, जिनमें मेनस्टेज प्लेनरी, फ्यूचर फ्रंटियर्स फोरम और ‘समझौते से कार्रवाई तक: यूके-भारत एफटीए’ शीर्षक से एक गोलमेज सम्मेलन शामिल है । ये कार्यक्रम वैश्विक व्यापार जगत के नेताओं, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों को भारत-यूके आर्थिक गलियारे की रणनीतिक रूपरेखा और प्रस्तावित एफटीए के परिवर्तनकारी प्रभाव पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर लाएंगे।

इस यात्रा का मुख्य आकर्षण व्यापारिक गतिविधियां होंगी। श्री गोयल से उम्मीद है कि वे शिपिंग, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण सहित प्रमुख क्षेत्रों के प्रमुख सीईओ और उद्योग हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे, जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करना और सीमा पार निवेश को बढ़ावा देना है।

यह यात्रा भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण पर हो रही है। विजन को कार्यरूप में बदलने की साझा महत्वाकांक्षा के साथ, श्री गोयल की बातचीत आपसी विश्वास को मजबूत करेगी, सहयोग के नए रास्ते खोलेगी और समावेशी, टिकाऊ और उच्च प्रभाव वाले आर्थिक विकास के लिए साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।