देहरादून । शनिवार, 9 मई 2026
विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 अपनी पूरी भव्यता के साथ जारी है। हिमालय की गोद में स्थित चारों पवित्र धामों में भक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण यहाँ उमड़ रही भीड़ दे रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष यात्रा के शुरुआती हफ्तों में ही श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है।
धाम-वार दर्शनार्थियों का विवरण (8 मई 2026 तक)
अभी तक कुल 9,20,020 श्रद्धालुओं ने चारों धामों की चौखट पर मत्था टेका है। केवल 8 मई के दिन ही 52,328 भक्तों ने दर्शन किए।
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केदारनाथ धाम: आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। 22 अप्रैल से अब तक 4,01,748 श्रद्धालु बाबा केदार का आशीर्वाद ले चुके हैं। 8 मई को यहाँ 19,466 लोग पहुँचे।
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बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 2,30,048 भक्तों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए हैं।
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यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल से अब तक 1,45,225 श्रद्धालु माँ यमुना के दर्शन कर चुके हैं।
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गंगोत्री धाम: यहाँ अब तक 1,42,999 श्रद्धालुओं ने माँ गंगा की पूजा-अर्चना की है।
फैक्ट चेक (Updates)
भ्रामक सूचनाओं से बचने के लिए यात्रियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:
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पंजीकरण की अनिवार्यता: कुछ अपुष्ट खबरों में ‘ऑन-द-स्पॉट’ प्रवेश की बात कही जा रही है, जो गलत है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्लॉट-आधारित ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है और इसे कड़ाई से लागू किया जा रहा है।
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मौसम का मिजाज: हालांकि यह मई का महीना है, लेकिन केदारनाथ और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बीच-बीच में बर्फबारी और ठंड बनी हुई है। श्रद्धालु अपने साथ भारी ऊनी कपड़े जरूर रखें।
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स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा: इस वर्ष केदारनाथ पैदल मार्ग पर 15 से अधिक विशिष्ट चिकित्सा राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो हाई-एल्टीट्यूड सिकनेस से निपटने में सक्षम हैं।
प्रशासन की ‘डायनेमिक क्राउड मैनेजमेंट’ व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने इस बार डायनेमिक क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है। यदि धामों में क्षमता से अधिक भीड़ होती है, तो यात्रियों को ऋषिकेश, श्रीनगर या रुद्रप्रयाग में ही अस्थायी रूप से रोका जा रहा है ताकि ऊपर की व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
Matribhumisamachar


