वॉशिंगटन । शनिवार, 9 मई 2026
ताजा तनाव की जड़ें ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ में छिपी हैं। अमेरिकी नेवी के तीन अत्याधुनिक युद्धपोत—USS ट्रक्सटन, USS राफेल पेराल्टा और USS मेसन—पर्सियन गल्फ से गल्फ ऑफ ओमान की ओर बढ़ रहे थे। अमेरिका का तर्क है कि वह व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देने और समुद्री मार्ग को खुला रखने के लिए यहाँ मौजूद है।
ईरान का पलटवार और अमेरिका का दावा
ईरान ने इन युद्धपोतों को अपनी संप्रभुता के लिए खतरा बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट कर पुष्टि की कि उनके जहाजों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया गया। ट्रंप ने अपने खास अंदाज में कहा:
“मिसाइलों को आसानी से मार गिराया गया और ड्रोन हवा में ऐसे गिरे जैसे कोई तितली अपनी कब्र की ओर जा रही हो।”
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई: बंदर अब्बास में तबाही
केवल बचाव तक सीमित न रहकर, अमेरिकी सेना ने ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया जहाँ से हमले किए गए थे।
-
बंदर अब्बास (Bandar Abbas): यह ईरान का मुख्य सैन्य बंदरगाह है। यहाँ अमेरिका ने मिसाइल लॉन्च साइट्स और कमांड सेंटरों को तबाह कर दिया।
-
केश्म द्वीप (Qeshm Island): यहाँ ईरान की अंडरग्राउंड मिसाइल टनल और फास्ट अटैक बोट्स के ठिकाने हैं, जिन पर भारी बमबारी की गई।
ईरान ने इन हमलों को ‘आतंकवादी कार्रवाई’ बताते हुए दावा किया है कि अमेरिका ने पहले उनके ऑयल टैंकरों को निशाना बनाकर सीजफायर तोड़ा था।
वैश्विक तेल बाजार पर ‘युद्ध का साया’
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ है। यहाँ हुई गोलाबारी का सीधा असर बाजार पर दिखा:
-
ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): तेल की कीमतें $101 प्रति बैरल के पार चली गई हैं।
-
सऊदी-कुवैत का नया रुख: एक बड़ी कूटनीतिक जीत के तहत, सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपने सैन्य बेसों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है। इससे ईरान की घेराबंदी और कड़ी हो गई है।
विशेष जानकारी
-
सीजफायर की स्थिति: ट्रंप के अनुसार सीजफायर अभी भी तकनीकी रूप से “इन इफ़ेक्ट” (लागू) है, लेकिन उन्होंने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि नया समझौता नहीं हुआ तो हमले और घातक होंगे।
-
नुकसान का आकलन: जहाँ अमेरिका ने किसी भी नुकसान से इनकार किया है, वहीं ईरान का दावा है कि अमेरिकी युद्धपोतों को “भारी क्षति” पहुंची है। हालांकि, स्वतंत्र स्रोतों ने केवल ईरानी ठिकानों पर हुए नुकसान की पुष्टि की है।
Matribhumisamachar


