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बलूचिस्तान में पाकिस्तान की जाफर एक्सप्रेस को धमाका कर किया गया डिरेल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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क्वेटा. पाकिस्तान के जैकोबाबाद के पास रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा धमाका हुआ है, जिससे जाफर एक्सप्रेस की 6 बोगियां पटरी से उतर गईं. यह ट्रेन पेशावर से क्वैटा जा रही थी. पुलिस के अनुसार, धमाके से रेलवे ट्रैक पर तीन फुट चौड़ा गड्ढा बन गया और करीब छह फुट लंबी पटरियां पूरी तरह से तबाह हो गईं. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर जांच में जुटी हैं. समा टीवी के मुताबिक, धमाका इतना जबरदस्त था कि कोचों के पहिए पटरी से उखड़ गए और ट्रेन अचानक रुक गई. शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि इस हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं, हालांकि अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है. राहत और बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं और घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है.

इस रूट की सुरक्षा पर उठे सवाल

जैकोबाबाद के पास जाफर एक्सप्रेस पर हुए धमाके ने एक बार फिर इस रूट की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह ट्रेन पहले भी कई बार हमलों का शिकार बन चुकी है. बलूचिस्तान रेल यात्राएं को लेकर असुरक्षित माना जाता है. यह क्षेत्र लंबे समय से अलगाववाद, हिंसा और सेना के खिलाफ विद्रोह से जूझ रहा है.

मार्च 2025 में BLA ने जाफर एक्सप्रेस को किया था हाईजैक

इसी साल मार्च में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था. उस समय ट्रेन में करीब 350 यात्री सवार थे. पाकिस्तानी सेना ने बड़ी मुश्किल से ऑपरेशन चलाकर ट्रेन को छुड़ाया, लेकिन बीएलए ने दावा किया कि उन्होंने 100 से ज्यादा पाक सैनिकों को मार गिराया. हालांकि, पाकिस्तान सेना ने 35 बंधकों की मौत की बात मानी थी.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।