शनिवार, जून 20 2026 | 12:58:51 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / पाकिस्तान ने जनरल असीम मुनीर को बनाया फील्ड मार्शल

पाकिस्तान ने जनरल असीम मुनीर को बनाया फील्ड मार्शल

Follow us on:

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल की रैंक पर प्रमोट कर दिया गया है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तार सीधे-सीधे पाकिस्तानी सेना और ISI से जुड़े पाए गए हैं. साथ ही पाक के ही एक सेना अफसर ने माना था कि पहलगाम हमले का प्लान असीम मुनीर ने ही बनाया था. बता दें, पाकिस्तानी मीडिया और वहां के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मंगलवार को पाकिस्तान की कैबिनेट ने इस प्रमोशन को मंजूरी दी.

पाकिस्तान की सेना में फील्ड मार्शल का पद न केवल एक बड़ा सम्मान है, बल्कि रणनीतिक फैसलों में सबसे ऊंचा हस्तक्षेप का अधिकार भी देता है. यानी अब मुनीर के पास पाक सेना के साथ-साथ यहां की हुकूमत में भी बेशुमार ताकत होगी. यह रैंक मुनीर को न केवल सेना की कंट्रोलिंग का कंट्रोल देगी, बल्कि अब उन्हें राजनीतिक-सैन्य मामलों में निर्णायक भूमिका में भी ला देगी.

सेना के साथ अब ऐसे काम करेंगे मुनीर

फील्ड मार्शल बनने के बाद आसीम मुनीर को अब पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय और मजबूत करने की खुली छूट मिल सकती है. यह भारत के खिलाफ हाइब्रिड वॉर आतंकवाद, साइबर अटैक और प्रॉक्सी युद्ध जैसी गतिविधियों को और तेज कर सकता है.

पाक हुकूमत ने क्यों किया ये प्रमोशन

पाक हुकूमत ने ये फैसला सिर्फ और सिर्फ एक प्रोपोगेंडा चलाने के लिए किया है. दरअसल हारा हुआ पाक अब दुनिया को ये झूठा मैसेज देने की कोशिश कर रहा है कि वो भारत से युद्ध में जीत गया है. इसीलिए उसने पाक के जनरल का प्रमोशन किया है. हमेशा झूठ बरगलाने वाला पाक अब दुनिया को चकमा देने की फिराक में है. हालांकि पाक की हार पूरी दुनिया देख चुकी है, और जानती है कि किसने किसको पटखनी दी. वहीं, ये भी माना जा रहा है कि सरकार जनता को ये मैसेज देना चाहती है कि उसने भारत पर जीत पाई है. जिससे भविष्य के चुनाव में भी शहबाज शरीफ इस हार पर राजनीति कर सकें.

ISI प्रमुख, आर्मी चीफ अब फील्ड मार्शल

असीम मुनीर 2022 से पाकिस्तान के सेना प्रमुख (Army Chief) के तौर पर काम रहा था. हालांकि, अब 2025 में उसे फील्ड मार्शल का प्रमोशन मिल गया है. वह पाकिस्तान का 11वें सेना प्रमुख बना था. इससे पहले वह GHQ में क्वार्टरमास्टर जनरल के पद पर तैनात था. असीम मुनीर ने 1986 में सैन्य करियर की शुरुआत की थी. वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख भी रह चुका है. उसे पाक देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मानों में से निशान-ए-इम्तियाज़, हिलाल-ए-इम्तियाज़ और प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा जा चुका है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

एक विस्तृत इन्फोग्राफिक, जो सऊदी अरब के Qiwa प्लेटफ़ॉर्म द्वारा वर्क वीजा नियमों में किए गए हालिया और महत्वपूर्ण बदलावों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इन्फोग्राफिक तीन मुख्य भागों में विभाजित है, जिसमें शीर्षक हिंदी में लिखा है: "सऊदी अरब वर्क वीजा नियमों में बड़ा बदलाव: भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर"।

सऊदी अरब का नया वीजा नियम: भारतीय प्रोफेशनल्स और स्टार्टअप्स पर पड़ेगा सीधा असर, जानें क्या बदले नियम

रियाद । गुरुवार, 18 जून 2026 सऊदी अरब जाने की इच्छा रखने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स …