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मदरसे ने 13 साल की छात्रा के वर्जिनिटी सर्टिफिकेट न देने पर नाम काट थमा दी टीसी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना इलाके के दिल्ली रोड स्थित एक मदरसे में 13 वर्षीय छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने का शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट लाने से इनकार करने पर छात्रा का नाम काटकर परिजनों को टीसी थमा दी गई। मदरसे ने एडमिशन के समय ली गई फीस भी वापस नहीं की। शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। चंडीगढ़ निवासी व्यक्ति ने मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी पाकबड़ा के लोधीपुर स्थित एक मदरसे में पढ़ती थी।

उन्होंने वर्ष 2024 में बेटी को सातवीं कक्षा में दाखिला दिलाया था और एडमिशन के नाम पर 35 हजार रुपये जमा कराए थे। इस साल बेटी ने सातवीं पास की और आठवीं में प्रवेश होना था। शिकायतकर्ता के अनुसार, पत्नी के मायके प्रयागराज जाने के कारण 16 जुलाई को बेटी को कुछ दिनों के लिए घर बुला लिया गया था। जब पत्नी 21 अगस्त को बेटी को मदरसे में वापस छोड़ने गईं तो वहां मौजूद प्रिंसिपल और एडमिशन इंचार्ज ने प्रवेश देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उन्होंने कहा कि पहले मेडिकल कराकर बेटी का वर्जिनिटी सर्टिफिकेट लेकर आने को कहा। नाबालिग छात्रा की मां के विरोध करने पर मदरसे के कर्मचारियों ने गाली-गलौज की और दोबारा आने के लिए मना कर दिया।

इसके बाद उन्हें टीसी थमा दी गई। कई बार गुहार लगाने के बाद भी छात्रा को दोबारा दाखिला नहीं दिया गया। मजबूर होकर पीड़िता के पिता ने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी ने पाकबड़ा थाना प्रभारी को मामले की जांच सौंपी है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ निवासी व्यक्ति ने मदरसे के खिलाफ शिकायत दी है। इस प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, मदरसे की तरफ से इस मामले को बेबुनियाद बताया गया है।
साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।