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विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल ब्रिक्स की बैठक में नहीं लेंगे भाग

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नई दिल्ली. पहलगाम में हिंदू नरसंहार के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच टेंशन बढ़ गई. आंतरराष्ट्रीय सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं ने हलचल बढ़ा दी है. भारतीय सिक्योरिटी के महत्व को देखते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने ब्राजील दौरा रद्द कर दिया है. दरअसल, ब्राजील में अगल हफ्ते ब्रिक्स विदेश मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक होने वाली है. उनकी अनुपस्थिति में भारत का प्रतिनिधित्व ब्रिक्स शेरपा करेंगे. यह जानकारी विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने दी है. यह बैठक ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के बीच सहयोग को बढ़ाने और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की जा रही है.

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने जयशंकर और डोभाल की अनुपस्थिति के कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों नेता घरेलू और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के कारण व्यस्त हैं.  पाकिस्तान के साथ बढ़ते टेंशन और पहलगाम में आतंकियों के कायराना हरकत के बाद ये फैसला लिया गया. जयशंकर हाल ही में कई अंतरराष्ट्रीय दौरों पर रहे हैं. इनमें मालदीव, सऊदी अरब और जर्मनी शामिल हैं. उनकी अनुपस्थिति में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और भारत के ब्रिक्स शेरपा, संभवतः विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) दम्मू रवि, भारत का नेतृत्व करेंगे. डोभाल की अनुपस्थिति को भारत-चीन सीमा तनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों से जोड़ा जा रहा है.

11 ब्रिक्स सदस्यों के विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जुलाई शिखर सम्मेलन के एजेंडे को अंतिम रूप देने और उसे बेहतर बनाने के लिए मिलेंगे. इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु वित्त, सीमा पार भुगतान पहल और बहुपक्षीय संस्थाओं के सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. रियो डी जेनेरियो में 6-7 जुलाई को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बहुपक्षीय दृष्टिकोण के अनुरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक दस्तावेज और जलवायु वित्त पर एक दस्तावेज को अपनाने की उम्मीद है.

साभार : न्यूज18

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