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कोर्ट ने पाकिस्तान की जासूस ज्योति मल्होत्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ​​की नौ दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद आज हरियाणा की हिसार अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने एक बार फिर से ज्योति मल्होत्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया है. पुलिस इससे पहले भी दो बार ज्योति मल्होत्रा को रिमांड पर ले चुकी है और आज तीसरी बार उसे अदालत में पेश किया गया. मल्होत्रा उन 12 लोगों में शामिल थी जिन्हें जासूसी के संदेह में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था.

वह एक यूट्यूब चैनल चलाती है और उसके खिलाफ 16 मई को सरकारी गोपनीयता अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था. बताया गया कि वह नवंबर 2023 से पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थी. भारत ने कथित तौर पर जासूसी में लिप्त होने के कारण 13 मई को दानिश को निष्कासित कर दिया था.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), खुफिया ब्यूरो और सैन्य खुफिया अधिकारियों ने भी मल्होत्रा से पूछताछ की है. जांच से पता चला है कि वह पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और कुछ अन्य देशों में गई थी. पुलिस ने कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी मल्होत्रा को एक एसेट के रूप में विकसित कर रही थी. यह भी बताया गया कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान वह दानिश के संपर्क में थी. जांच के दौरान पुलिस को ज्योति मल्होत्रा के लैपटॉप और मोबाइल से डिलीट की गई चैट मिली है. इससे पहले पुलिस ने उसके तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था.

बताया जा रहा है कि मल्होत्रा के चार बैंक खातों की भी जांच की जा रही है. हिसार के पुलिस अधीक्षक के आधिकारिक बयान के अनुसार, अब तक की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे पता चले कि मल्होत्रा ने संवेदनशील रक्षा या रणनीतिक जानकारी हासिल की हो, न ही आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने या आतंकवादी संगठनों से उसके संबंधों का कोई संकेत मिला हो. पुलिस ने पुष्टि की है कि मल्होत्रा उन लोगों के संपर्क में थी जिन्हें वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंट के रूप में जानती थी. पिछले साल अप्रैल में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में उनकी यात्रा के बारे में 23 मई को मध्य प्रदेश पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।