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जौनपुर: प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का खेल उजागर, पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कई को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से धर्मांतरण कराने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।

प्रार्थना सभा के बहाने प्रलोभन का आरोप

ताजा मामला जौनपुर के ग्रामीण इलाकों का है, जहां एक घर में चल रही ‘चंगाई सभा’ (प्रार्थना सभा) पर ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। आरोप है कि वहां गरीब और भोले-भले ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों के इलाज और आर्थिक मदद का झांसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में अब तक मुख्य पादरी समेत कई सहयोगियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में धार्मिक साहित्य, संदिग्ध दस्तावेज और प्रचार सामग्री बरामद की है।

मामले के मुख्य बिंदु:

  • स्थान: मड़ियाहूं, केराकत और शाहगंज तहसील के कुछ गांव।

  • तरीका: बीमारी ठीक करने का दावा (अंधविश्वास) और पैसे का लालच।

  • धाराएं: पकड़े गए आरोपियों पर ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021’ के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। संगठनों का आरोप है कि विदेशी फंडिंग के जरिए इलाके की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की जा रही है। वहीं, पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां दिखें, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें।

पुलिस का बयान: “हम मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि इस धर्मांतरण गिरोह के तार किन अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” — स्थानीय पुलिस अधिकारी

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।