लखनऊ. उत्तर प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने राज्य के लिए ‘नई और आधुनिक बीज नीति’ (Modern Seed Policy) तैयार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस नीति का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता, प्रमाणित और जलवायु-अनुकूल बीज उपलब्ध कराना है, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़े और किसानों की आय में उल्लेखनीय इजाफा हो सके।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि अब खेती को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि डिजिटल तकनीक, बायो-टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खेती से जोड़ना समय की मांग है।
नई बीज नीति की प्रमुख विशेषताएं
🔹 बीजों की ट्रेसेबिलिटी (Seed Traceability)
नई नीति के तहत हर बीज पैकेट पर QR कोड अनिवार्य किया जाएगा। किसान इसे स्कैन कर यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे कि बीज कहां तैयार हुआ, किस किस्म का है और उसकी गुणवत्ता क्या है। इससे नकली और मिलावटी बीजों पर प्रभावी रोक लगेगी।
🔹 निजी क्षेत्र की भागीदारी
राज्य सरकार निजी बीज कंपनियों को उत्तर प्रदेश में रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे आधुनिक और उन्नत किस्मों के बीजों का स्थानीय स्तर पर विकास होगा।
🔹 जलवायु-अनुकूल और कम पानी वाले बीज
नीति में ऐसे बीजों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कम पानी में बेहतर उत्पादन, अधिक तापमान, सूखा और अचानक होने वाली बारिश जैसी परिस्थितियों को सहन कर सकें।
🔹 किसानों को बीज उत्पादन की ट्रेनिंग
गांव और ब्लॉक स्तर पर किसानों को बीज उत्पादन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे खुद प्रमाणित बीज तैयार कर सकें और इसे बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
किसानों को कैसे होगा सीधा लाभ?
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अब तक खराब गुणवत्ता वाले बीजों के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। नई बीज नीति से इन समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है:
- उत्पादन में बढ़ोतरी
उन्नत बीजों के उपयोग से प्रति एकड़ पैदावार में 15 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान है। - लागत में कमी
कीट-प्रतिरोधी बीजों के कारण कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम होगा, जिससे खेती की कुल लागत घटेगी। - सब्सिडी का सीधा लाभ (DBT)
बीजों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
कृषि क्षेत्र में तकनीक और AI का इस्तेमाल
सरकार खेती में Artificial Intelligence (AI) का उपयोग कर यह विश्लेषण करेगी कि किस जिले की मिट्टी और जलवायु के लिए कौन-सा बीज सबसे उपयुक्त है।
इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं (Seed Testing Labs) स्थापित की जाएंगी, जिससे बीजों की गुणवत्ता की जांच स्थानीय स्तर पर ही हो सके।
सीएम योगी का विजन
“उत्तर प्रदेश की उपजाऊ भूमि और यहां के मेहनती किसान देश की खाद्य सुरक्षा की नींव हैं। नई बीज नीति से हम न केवल पैदावार बढ़ाएंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश को बीज उत्पादन और निर्यात का केंद्र भी बनाएंगे।”
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की नई और आधुनिक बीज नीति राज्य की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक-आधारित बनेगी। किसानों की आय बढ़ेगी, फसल जोखिम कम होगा और उत्तर प्रदेश कृषि नवाचार के क्षेत्र में देश में एक नई पहचान बनाएगा।
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