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क्या अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया? हिंद महासागर में बढ़ा तनाव

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अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमला

कोलंबो. हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बुधवार (4 मार्च) को एक विनाशकारी सैन्य मुठभेड़ में अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena पर टॉरपीडो से हमला कर उसे समुद्र में डुबो दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह अपनी तरह की पहली सैन्य कार्रवाई है, जिसने खाड़ी देशों और पश्चिम के बीच युद्ध की आहट को तेज कर दिया है।

घटना का विवरण: ‘मिलन 2026’ से लौट रहा था जहाज

ईरानी युद्धपोत IRIS Dena हाल ही में भारत के विशाखापट्टनम में संपन्न हुए बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास “मिलन 2026” में भाग लेकर वापस ईरान लौट रहा था। श्रीलंका के दक्षिणी तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी ने घात लगाकर जहाज पर हमला किया।

पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, हमले के लिए अत्यधिक घातक टॉरपीडो का इस्तेमाल किया गया, जिससे जहाज के निचले हिस्से में बड़ा विस्फोट हुआ और वह कुछ ही मिनटों में जलमग्न हो गया।

भारी जनहानि और रेस्क्यू ऑपरेशन

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में ईरानी नौसेना को भारी क्षति पहुंची है:

  • पुष्ट मौतें: 87 नौसैनिक।

  • लापता: लगभग 60 नौसैनिक, जिनके बचने की संभावना कम जताई जा रही है।

  • बचाए गए: श्रीलंकाई नौसेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 32 घायल नौसैनिकों को समुद्र से सुरक्षित निकाला है। उन्हें इलाज के लिए गाले के करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पेंटागन की पुष्टि: “ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई”

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि 1945 के बाद यह पहला अवसर है जब अमेरिकी नौसेना ने किसी दुश्मन जहाज को डुबाने के लिए टॉरपीडो का उपयोग किया है। रक्षा विशेषज्ञों ने इस घटना को “क्वाइट डेथ” (Quiet Death) ऑपरेशन का नाम दिया है, क्योंकि हमलावर पनडुब्बी का पता ईरानी रडार नहीं लगा सके।

क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक प्रभाव

इस घटना ने दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि:

  1. ईरान की प्रतिक्रिया: ईरान ने इस हमले को “कायराना कृत्य” बताते हुए कड़े प्रतिशोध की चेतावनी दी है।

  2. भारत की चिंता: भारतीय तटों के पास हुई इस सैन्य कार्रवाई ने नई दिल्ली की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि प्रभावित जहाज भारत द्वारा आयोजित सैन्य अभ्यास का हिस्सा था।

  3. समुद्री व्यापार पर संकट: ओमान की खाड़ी और मलक्का जलडमरूमध्य के बीच व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर अब बड़ा सवालिया निशान लग गया है।

नोट: श्रीलंका की नौसेना अभी भी लापता कर्मियों की तलाश में खोजी अभियान (Search and Rescue) चला रही है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और हिंद महासागर में अमेरिकी और ईरानी बेड़े आमने-सामने होने की खबरें हैं।

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