इस्तांबुल. पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संकट के बीच एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आई है। तुर्कीय के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को पुष्टि की कि ईरान की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्कीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
NATO की मिसाइल डिफेंस प्रणाली ने दिखाया दम
मिसाइल को इंटरसेप्ट करने का ऑपरेशन NATO (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) की वायु एवं मिसाइल रक्षा प्रणाली द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल को पूर्वी भूमध्य सागर के ऊपर ही ट्रैक कर लिया गया और लक्ष्य तक पहुँचने से पहले ही उसे हवा में ही मार गिराया गया। राहत की बात यह रही कि इस कार्रवाई में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है।
तुर्कीय की कड़ी चेतावनी: “हम चुप नहीं बैठेंगे”
घटना के तुरंत बाद तुर्कीय सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि वह अपनी सीमाओं और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने कहा:
“तुर्कीय अपने खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रखता है।”
साथ ही, अंकारा ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि क्षेत्रीय तनाव को और अधिक फैलने से रोका जा सके।
क्षेत्रीय संघर्ष का नया मोड़
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को एक नए और खतरनाक चरण में ले जा सकती है। हाल के दिनों में हालात तब और बिगड़ गए जब:
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अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर लक्षित हमले किए।
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जवाब में तेहरान ने उन खाड़ी देशों को निशाना बनाना शुरू किया जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
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इज़राइल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी तेज कर दी है।
कूटनीतिक समाधान की गुहार
ईरान के पड़ोसी और NATO सदस्य के रूप में तुर्कीय पिछले कई हफ्तों से वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। तुर्कीय ने चेतावनी दी है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमताओं को लेकर चल रहा यह गतिरोध यदि कूटनीति से नहीं सुलझाया गया, तो पूरा क्षेत्र अस्थिरता की आग में झुलस सकता है।
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