गाजियाबाद | सोमवार, 4 मई 2026
गाजियाबाद के पॉश इलाके राजनगर एक्सटेंशन की कृष्णा एन्क्लेव सोसायटी में रविवार को उस समय तनाव फैल गया, जब निवासियों को पता चला कि एक स्कूल की बिल्डिंग के बेसमेंट में अवैध रूप से चर्च संचालित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इसे धर्मांतरण का अड्डा बताते हुए मुख्य द्वार पर जमकर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए।
चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा
घटना की शुरुआत रविवार सुबह करीब 10 बजे हुई। पूर्व पार्षद संजीव त्यागी के नेतृत्व में सोसायटी के गेट पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही थी। इसी दौरान कुछ बाहरी लोग गाड़ियों से पहुंचे। जब उनसे पूछताछ की गई, तो उन्होंने परिसर में स्थित कैंब्रिज स्कूल जाने की बात कही। रविवार को स्कूल बंद होने के कारण निवासियों को संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर वे लोग वापस लौट गए, लेकिन कुछ देर बाद सोसायटी के भीतर से ही कुछ लोग बाहर आए और उन्हें रोकने का विरोध करने लगे।
बेसमेंट में मिला चर्च का सेटअप
विवाद बढ़ने पर जब पुलिस को सूचना दी गई, तो नंदग्राम थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्कूल बिल्डिंग के बेसमेंट की तलाशी ली। जाँच के दौरान पुलिस को वहाँ निम्नलिखित चीजें मिलीं:
-
दीवारों पर ईसा मसीह के संदेशों वाले पोस्टर।
-
धार्मिक प्रचार सामग्री और साहित्य।
-
प्रार्थना के लिए की गई विशेष व्यवस्था।
निवासियों का आरोप है कि यह चर्च केवल शनिवार और रविवार को खुलता था और यहाँ बाहरी लोगों को लाकर धर्मांतरण जैसी संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
संबंधित पक्षों के बयान और स्पष्टीकरण
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है।
-
पुलिस प्रशासन: नंदग्राम के एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि बेसमेंट को एहतियातन सील कर दिया गया है। फिलहाल मौके से संचालक फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सभी साक्ष्यों की जांच के बाद ही धर्मांतरण के आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
-
स्कूल प्रबंधन का पक्ष: कैंब्रिज स्कूल के संचालक शिवम गुप्ता ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि स्कूल पिछले तीन साल से चल रहा है, लेकिन बेसमेंट में क्या गतिविधियां हो रही थीं, इससे उनका या उनके स्टाफ का कोई लेना-देना नहीं है।
अपडेट
प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे केवल एक प्रार्थना सभा बताया गया था, लेकिन स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध और बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस ने अब इसे “अवैध धार्मिक संचालन” की श्रेणी में रखकर जाँच का दायरा बढ़ा दिया है। सोसायटी के लोग अभी भी मुख्य द्वार पर सुरक्षा और इस केंद्र को स्थाई रूप से बंद करने की मांग को लेकर डटे हुए हैं।
Matribhumisamachar


