कोलकाता | बुधवार, 6 मई 2026
बीते कुछ घंटों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कोलकाता को लेकर सनसनीखेज खबरें वायरल हो रही हैं। ‘अनुषी तिवारी’ नामक एक एक्स (X) प्रोफाइल और कई अन्य संदिग्ध हैंडल्स से दावा किया गया कि भारी संख्या में भारतीय सेना कोलकाता में प्रवेश कर चुकी है और जनता ने उनका रास्ता रोक दिया है। इतना ही नहीं, दावों में यहाँ तक कहा गया कि CRPF ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर हमला किया, जिससे वे घायल हो गईं, और शहर के सभी विदेशी दूतावासों को बंद करने का आदेश दे दिया गया है।
PIB और कोलकाता पुलिस ने किया खंडन
इन खबरों के जंगल की आग की तरह फैलते ही सरकारी तंत्र सक्रिय हो गया। PIB (Press Information Bureau) की फैक्ट चेक यूनिट ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘पूरी तरह फर्जी’ करार दिया है।
PIB के अनुसार, यह कोई साधारण अफवाह नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। जाँच में सामने आया है कि यह पाकिस्तानी नेटवर्क द्वारा चलाया जा रहा एक संगठित दुष्प्रचार अभियान (Disinformation Campaign) है, जिसका उद्देश्य सीमा पार से भारत में अशांति पैदा करना और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना है।
वीडियो की सच्चाई: पुराने जख्मों को कुरेदने की कोशिश
कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो दिखाए जा रहे हैं, वे या तो बहुत पुराने हैं या किसी अन्य संदर्भ के हैं। इन वीडियो को एडिट करके और गलत कैप्शन के साथ वर्तमान स्थिति से जोड़कर पेश किया गया है। पुलिस ने शहरवासियों को आश्वासन दिया है कि:
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मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और ऐसी कोई हिंसक घटना नहीं हुई है।
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भारतीय सेना की कोई भी टुकड़ी शहर में किसी ‘ऑपरेशन’ के लिए नहीं घुसी है।
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विदेशी दूतावास और अन्य संस्थान सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
सावधान! अफवाह फैलाना पड़ सकता है भारी
कोलकाता पुलिस के साइबर सेल ने चेतावनी दी है कि वे भ्रामक पोस्ट साझा करने वाले प्रोफाइल पर कड़ी नजर रख रहे हैं। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ IT एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मैसेज फॉरवर्ड करने से पहले सोचें:
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क्या खबर किसी आधिकारिक स्रोत (जैसे सरकारी न्यूज़ चैनल या पुलिस हैंडल) पर है?
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क्या वीडियो की क्वालिटी और संदर्भ संदिग्ध लग रहा है?
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बिना पुष्टि के किसी भी ‘फॉरवर्डेड मैसेज’ पर विश्वास न करें।
Matribhumisamachar


