पटना | सोमवार, 4 मई 2026
बिहार के सियासी और आपराधिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सोमवार सुबह भारी पुलिस बल ने रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब के दो ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के पैतृक गांव प्रतापपुर और शहर के नई किला स्थित आवास पर की गई।
DIG और SP के नेतृत्व में बड़ी दबिश
इस ऑपरेशन की कमान खुद सारण रेंज के DIG नीलेश कुमार और सीवान के SP पूरन कुमार झा ने संभाल रखी थी। पुलिस का काफिला जैसे ही विधायक के आवासों पर पहुंचा, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जांच को सुचारू रूप से चलाने और किसी भी विरोध को रोकने के लिए नगर थाना, मुफ्फसिल, महादेवा और सराय थानों की पुलिस के साथ-साथ भारी संख्या में अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
क्यों हुई छापेमारी? जानें मुख्य विवाद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई गोपालगंज के मांझागढ़ की रहने वाली डॉ. सुधा सिंह (डॉ. विनय कुमार सिंह की पत्नी) द्वारा दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी (FIR) के आधार पर हुई है।
मामले के मुख्य बिंदु:
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जमीन कब्जाने का आरोप: डॉ. सुधा सिंह ने आरोप लगाया है कि ओसामा शहाब और उनके समर्थकों ने उनकी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
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साक्ष्यों के आधार पर वारंट: DIG नीलेश कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस को इस मामले में पर्याप्त तकनीकी और भौतिक साक्ष्य मिले थे, जिसके बाद न्यायालय से विधिवत वारंट प्राप्त कर यह छापेमारी की गई।
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सीसीटीवी तोड़फोड़: शिकायत में यह भी जिक्र है कि विधायक के समर्थकों ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त किया था।
इलाके में तनावपूर्ण शांति
छापेमारी के दौरान विधायक के दोनों आवासों के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा होने लगी थी, लेकिन भारी पुलिस तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। फिलहाल पुलिस आवासों के अंदर तलाशी ले रही है और कई दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
विशेष : गौरतलब है कि ओसामा शहाब पर पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कानूनी गाज गिरी है। इससे पहले भी चंदन सिंह नामक व्यक्ति के साथ हुए विवाद और फायरिंग मामले में ओसामा का नाम चर्चा में आया था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन घटनाओं के तार आपस में जुड़े हैं।
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