मुंबई. भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन का एक बड़ा चेहरा रहे सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे और पिछले लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उन्होंने सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली।
प्रमुख बिंदु:
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लंबी बीमारी से संघर्ष: कलमाड़ी पिछले काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों और याददाश्त की समस्या (Dementia) से पीड़ित थे।
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राजनीतिक करियर: वह पुणे से कई बार सांसद रहे और पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री (1995-96) की जिम्मेदारी संभाली।
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खेल जगत में योगदान: वह लंबे समय तक भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष और एशियाई एथलेटिक्स एसोसिएशन के प्रमुख रहे।
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विवादों से नाता: उनका नाम 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) के आयोजन से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों में भी आया था, हालांकि हाल के वर्षों में उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना ली थी।
अंतिम विदाई
उनका पार्थिव शरीर पुणे स्थित उनके निवास ‘कलमाड़ी हाउस’ में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहाँ राजनीति, खेल और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 3:30 बजे पुणे के वैकुंठ श्मशान घाट में किया जाएगा।
वायुसेना से राजनीति तक का सफर
राजनीति में आने से पहले सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना में एक पायलट थे। उन्होंने 1965 और 1971 के युद्धों में भी भाग लिया था। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए और पुणे में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।
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