बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.48 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने ‘डिजिटल अनुशासन’ और ‘आधुनिक तकनीक’ के अनूठे संगम पर जोर दिया है। बजट की सबसे बड़ी घोषणा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध का प्रस्ताव है।
1. सोशल मीडिया बैन: देश में पहली ऐसी पहल
मुख्यमंत्री ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन का प्रस्ताव रखा।
-
कारण: मोबाइल की लत, साइबर बुलिंग और पढ़ाई पर गिरते ध्यान को देखते हुए यह कड़ा फैसला लिया गया है।
-
असर: यदि यह कानून लागू होता है, तो कर्नाटक ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों को एक सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
2. AI डिजिटल ट्यूटर: 12 लाख छात्रों को मिलेगा फायदा
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए सरकार IIT धारवाड़ के साथ मिलकर एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित लर्निंग सिस्टम विकसित करेगी।
-
योजना: कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों के लिए ‘पर्सनलाइज्ड डिजिटल ट्यूटर’ उपलब्ध कराया जाएगा।
-
बजट: इस प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
-
लाभ: लगभग 12.2 लाख छात्र अपनी गति और क्षमता के अनुसार एआई की मदद से पढ़ाई कर सकेंगे।
3. UVCE बनेगा ‘कर्नाटक का IIT’
राज्य की तकनीकी शिक्षा को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए बेंगलुरु स्थित University Visvesvaraya College of Engineering (UVCE) के लिए बड़े निवेश की घोषणा की गई है:
-
संस्थान के विकास के लिए कुल 500 करोड़ रुपये का रोडमैप तैयार किया गया है।
-
चालू वर्ष के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि तुरंत जारी की जाएगी।
4. शिक्षा में रोजगार के नए अवसर
सिर्फ तकनीक ही नहीं, सरकार ने मानव संसाधन पर भी ध्यान दिया है। बजट में डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में 2,000 नए शिक्षकों की भर्ती को हरी झंडी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री का बयान:
“हमारा उद्देश्य एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो डिजिटल दुनिया के खतरों से सुरक्षित हो और आधुनिक तकनीक (AI) के इस्तेमाल में सबसे आगे हो। यह बजट कर्नाटक के भविष्य की नींव है।”
Matribhumisamachar


