लखनऊ। सोमवार, 06 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर से आस्था की एक बड़ी जीत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की भूमाफिया विरोधी नीति के तहत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 4.5 दशकों (45 साल) से बंद पड़े प्राचीन काल भैरव मंदिर को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल मंदिर के कपाट खुले हैं, बल्कि क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की दशकों पुरानी मुराद भी पूरी हुई है।
🔍 जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में खुला राज
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब हापुड़ के जिलाधिकारी (DM) अभिषेक पांडेय गढ़मुक्तेश्वर में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने नक्का कुआं इलाके में पहुंचे थे। मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर के पास स्थित इस प्राचीन काल भैरव मंदिर पर ताला लटका देख जब उन्होंने पूछताछ की, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पता चला कि कुछ रसूखदार भूमाफियाओं ने फर्जी तरीके से मंदिर की जमीन को अपनी जागीर बनाकर उस पर कब्जा कर लिया था और श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित कर दिया था।
🔨 चंद घंटों में टूटा ‘अन्याय का ताला’
डीएम के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। दशकों से लगे जंग लगे तालों को तोड़कर मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, 1980 के दशक के आसपास इस मंदिर को कब्जे में लिया गया था, जिसके बाद से यहां पूजा-अर्चना पूरी तरह बंद थी।
🔱 मंदिर की पुनर्स्थापना के लिए मुख्य योजनाएं
प्रशासन अब मंदिर को उसके पुराने गौरव में लौटाने की तैयारी कर रहा है:
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मूर्ति की वापसी: कब्जे के दौरान भगवान काल भैरव की मूल मूर्ति को पास के ही एक अन्य मंदिर में विस्थापित कर दिया गया था। प्रशासन ने घोषणा की है कि जल्द ही पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति को उसके मूल स्थान पर पुनः स्थापित किया जाएगा।
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भव्य टेंपल कॉम्प्लेक्स: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मुक्तेश्वर महादेव, प्राचीन गंगा मंदिर और काल भैरव मंदिर को जोड़कर एक विशाल टेंपल कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा।
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पर्यटन को बढ़ावा: इस कॉरिडोर के विकसित होने से नक्का कुआं क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय रोजगार और विकास को गति मिलेगी।
📢 श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
मंदिर खुलने की खबर फैलते ही स्थानीय संतों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन का आभार जताया है। संतों का कहना है कि काल भैरव को “नगर कोतवाल” माना जाता है और उनके मंदिर का ताला खुलना पूरी तीर्थनगरी के लिए शुभ संकेत है।
प्रशासनिक संदेश: “धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई केवल शुरुआत है, गढ़मुक्तेश्वर के समग्र विकास के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा।” — जिला प्रशासन, हापुड़
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