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उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ और बद्रीनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, टूटा श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड

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देहरादून । रविवार, 07 जून 2026

उत्तराखंड के पावन हिमालयी क्षेत्रों में इस वर्ष आयोजित हो रही प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (State Emergency Operations Center) द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक 31 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार, बद्री विशाल सहित चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।

कपाट खुलने के बाद से ही चारों पवित्र धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस धाम में अब तक कितने श्रद्धालुओं ने शीश नवाया है और प्रशासन के सामने क्या चुनौतियां हैं।

केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा पहुंचे श्रद्धालु

इस साल की यात्रा में बाबा केदारनाथ के प्रति भक्तों का आकर्षण चरम पर है। 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक सबसे अधिक 11,05,676 तीर्थयात्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं।

वहीं, 23 अप्रैल से शुरू हुई बद्रीनाथ धाम की यात्रा में भी भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अब तक 9,08,619 श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

धाम के अनुसार श्रद्धालुओं के ताजा आंकड़े:

अगर हम अन्य पावन धामों और तीर्थस्थलों की बात करें, तो आंकड़ों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • गंगोत्री मंदिर: 5,28,406 श्रद्धालु (नोट: इस आंकड़े में गौमुख मार्ग पर पहुंचने वाले 4,697 तीर्थयात्री भी शामिल हैं)

  • यमुनोत्री मंदिर: 5,07,421 श्रद्धालु।

  • श्री हेमकुंड साहिब (सिख तीर्थस्थल): 55,411 श्रद्धालु।

भारी भीड़ और वाहनों की आवाजाही: प्रशासन पर बढ़ा दबाव

श्रद्धालुओं का यह सैलाब न सिर्फ आस्था की गहराई को दिखाता है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी परीक्षा है। केवल एक दिन (शनिवार) की बात करें, तो 61,262 तीर्थयात्री 5,511 वाहनों में सवार होकर अलग-अलग धामों में पहुंचे।

यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 2,89,918 वाहनों ने इन संवेदनशील पहाड़ी मार्गों का उपयोग किया है। इतनी भारी संख्या में वाहनों के संचालन के कारण ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश 

उत्तराखंड सरकार ने चारधामों की पवित्रता और स्थानीय मान्यताओं की रक्षा के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार के नए सख्त नियमों के अनुसार, अब देश में कहीं भी ‘चारधाम’ (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के नाम पर कोई दूसरा फर्जी मंदिर या ट्रस्ट नहीं बनाया जा सकेगा। यदि कोई मिलता-जुलता नाम रखकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तीर्थयात्रियों के लिए जरूरी सलाह

यदि आप भी आने वाले दिनों में बाबा केदार या बद्रीनाथ के दर्शन का मन बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  1. पंजीकरण (Registration): यात्रा पर निकलने से पहले उत्तराखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर अपना पंजीकरण जरूर सुनिश्चित करें।

  2. मौसम की जानकारी: पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है, इसलिए यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और ट्रैफिक गाइडलाइन जरूर चेक कर लें।

  3. स्वास्थ्य का रखें ख्याल: केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। अपने साथ जरूरी दवाइयां और गर्म कपड़े अवश्य रखें।

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