देहरादून | शुक्रवार, 8 मई 2026
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। खेड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जांच करने गई प्रशासनिक टीम उस समय दंग रह गई, जब एक घर के भीतर मजार जैसी संरचना पाई गई। शुरुआती जांच में यह बात निकलकर आई है कि एक व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर अपना दावा मजबूत करने के लिए अपने पिता के शव को घर के अंदर दफन किया और उसे धार्मिक रूप दे दिया।
कैसे हुआ खुलासा?
रुद्रपुर नगर निगम और ज़िला प्रशासन को चांद मस्जिद के पास सरकारी भूमि (नजूल भूमि) पर अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। महापौर विकास शर्मा, एडीएम पंकज उपाध्याय और नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पांडे ने जब भारी पुलिस बल के साथ मौके पर छापा मारा, तो घर के एक गुप्त हिस्से में मजार मिली।
आरोपी अब्बास ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने पिता की मृत्यु के बाद उन्हें कब्रिस्तान ले जाने के बजाय घर के भीतर ही दफना दिया। प्रशासन का आरोप है कि इस संरचना को जानबूझकर पुराना दिखाने के लिए प्लास्टिक (पन्नी) और कूड़े से ढक कर रखा गया था ताकि ‘मजार’ के नाम पर कब्ज़ा सुरक्षित रहे।
ताज़ा अपडेट और प्रशासनिक कार्रवाई
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नोटिस और विधिक कार्रवाई: एडीएम पंकज उपाध्याय ने पुष्टि की है कि आरोपी को नोटिस जारी कर दिया गया है। भूमि के अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है।
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मुख्यमंत्री का अभियान: महापौर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पूरे उत्तराखंड में “लैंड जिहाद” और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
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ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया: प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होते ही अवैध ढांचे को सीज कर हटाया जाएगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों या सरकारी भूमि पर शव दफनाने को कानून का उल्लंघन माना गया है।
Matribhumisamachar


