लखनऊ. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता ने अपनी ही सहेली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि उसे दिल्ली ले जाकर धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) करने और एक मुस्लिम युवक से निकाह करने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई और उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई।
दोस्ती की आड़ में रची गई साजिश?
पीड़िता के अनुसार, राधानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली गंगानगर कॉलोनी की निवासी फिजा खातून (पत्नी नसीम) से उसकी गहरी दोस्ती थी। फिजा का पीड़िता के घर आना-जाना था। इसी दोस्ती का फायदा उठाकर फिजा ने अपनी मजबूरी बताकर पीड़िता से 46 हजार रुपये उधार लिए थे।
आरोप है कि 18 फरवरी 2026 को फिजा पीड़िता को घुमाने के बहाने दिल्ली ले गई। वहाँ उसे शहजादा नाम के एक युवक के घर ले जाया गया, जहाँ असली साजिश का खुलासा हुआ।
“इस्लाम कबूल करो और शहजादा से निकाह करो”
पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दिल्ली पहुँचते ही उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाने लगा। उससे कहा गया कि उसका पति कम कमाता है, इसलिए वह इस्लाम अपना ले और शहजादा से निकाह कर ले। जब पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया, तो उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया।
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मारपीट और प्रताड़ना: मना करने पर पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
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ब्लैकमेलिंग: आरोपियों ने पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें होने का दावा करते हुए उन्हें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी।
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जान से मारने की धमकी: शोर मचाने या विरोध करने पर जान से मारने की बात कही गई।
21 फरवरी को चंगुल से छूटी पीड़िता
किसी तरह 21 फरवरी को पीड़िता दिल्ली से भागकर अपने घर फतेहपुर पहुँची और अपने पति को पूरी आपबीती सुनाई। पीड़िता का आरोप है कि घर लौटने के बाद भी आरोपी महिला उसे लगातार फोन पर धमकियाँ दे रही है, जिससे उसका पूरा परिवार खौफ में है।
पुलिस की जांच और ‘उधार के रुपये’ का एंगल
मामले की गंभीरता को देखते हुए राधानगर थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस जांच में एक नया मोड़ भी सामने आया है।
थाना प्रभारी विनोद मौर्य के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों महिलाएं आपस में सहेलियां हैं और उनके बीच 46 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं रुपये वापस न मिलने के दबाव में तो यह शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
वर्तमान स्थिति:
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एफआईआर दर्ज: मारपीट और धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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बयान लंबित: जाँच अधिकारी (SI) रोहित यादव ने बताया कि पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है, लेकिन फिलहाल उसका फोन रिसीव नहीं हो रहा है।
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कानूनी कार्रवाई: पुलिस का कहना है कि बयान दर्ज होने और साक्ष्यों के आधार पर धर्म परिवर्तन की धाराओं में वृद्धि की जा सकती है।
नोट: उत्तर प्रदेश में ‘विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ के तहत जबरन धर्म परिवर्तन एक गंभीर अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर कठोर कारावास का प्रावधान है।
Matribhumisamachar


