नई दिल्ली | शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक हाई-टेक अंतरराष्ट्रीय जासूसी और टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के समर्थन से चल रहे इस नेटवर्क ने भारत के सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया था।
तकनीकी जासूसी: सोलर कैमरे और लाइव स्ट्रीमिंग
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों (आर्मी और BSF लोकेशन्स) के पास सोलर पावर्ड CCTV कैमरे इंस्टॉल किए थे।
-
हैक-प्रूफ बिजली: सोलर पैनल होने के कारण इन कैमरों को बाहरी बिजली की जरूरत नहीं थी, जिससे इनके लंबे समय तक चलने की गारंटी थी।
-
सीधा प्रसारण: कैमरों में लगे विशेष सिम कार्ड के जरिए इन इलाकों की लाइव वीडियो फीड सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स (शहजाद भट्टी) को भेजी जा रही थी।
-
पकड़े गए उपकरण: पुलिस ने अब तक 9 ऐसे हाई-टेक कैमरे बरामद कर अनइंस्टॉल कर दिए हैं।
पढ़े-लिखे युवाओं का ‘ब्रेनवॉश’ और पैसे का लालच
इस मॉड्यूल की सबसे चिंताजनक बात इसमें शामिल आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि है। आतंकी संगठन अब BCA और MBA जैसे प्रोफेशनल डिग्री धारकों को निशाना बना रहे हैं:
-
मनप्रीत सिंह (मास्टरमाइंड): BCA डिग्री धारक, जो सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।
-
अतुल राठी: न्यूजीलैंड से MBA कर चुका यह आरोपी हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क मैनेजमेंट देख रहा था।
-
रोहित: एक अन्य MBA डिग्री धारक जो जासूसी गतिविधियों में लिप्त था।
जांच अधिकारी का बयान: “ये आरोपी खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर कैमरे लगाते थे ताकि स्थानीय लोगों या सुरक्षा बलों को संदेह न हो। इन्हें UPI के जरिए फंडिंग की जा रही थी।”
बरामदगी: ग्रेनेड हमले की थी बड़ी साजिश
पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल केवल जासूसी तक सीमित नहीं था, बल्कि भारत के महत्वपूर्ण सुरक्षा ठिकानों पर ग्रेनेड हमलों की योजना बना रहा था। छापेमारी के दौरान बरामद सामान:
-
हथियार: 3 विदेशी PX5 पिस्टल, 1 देसी पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस।
-
गैजेट्स: 24 मोबाइल फोन (एन्क्रिप्टेड ऐप्स से लैस)।
-
वाहन: रेकी के लिए इस्तेमाल होने वाली 2 कारें और 2 मोटरसाइकिल।
इन शहरों में फैला था नेटवर्क (Target Locations)
स्पेशल सेल ने दो बड़े ऑपरेशनों के तहत दिल्ली और पंजाब से गिरफ्तारियां की हैं। आरोपियों ने निम्नलिखित शहरों में जासूसी के जाल बिछाए थे:
-
पंजाब: कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा।
-
हरियाणा: अंबाला।
-
राजस्थान: अलवर।
-
जम्मू-कश्मीर: कठुआ और अन्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र।
निष्कर्ष
यह ऑपरेशन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी जीत है। आतंकी अब पारंपरिक तरीकों को छोड़ सोलर टेक्नोलॉजी, एन्क्रिप्टेड ऐप्स और डिजिटल पेमेंट का सहारा ले रहे हैं। दिल्ली पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ‘स्लीपर सेल्स’ और फंडिंग के रूट की गहराई से जांच कर रही है।
Matribhumisamachar


