नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज दिल्ली कैंट में उत्तर प्रदेश के 78 युवा प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेरणादायक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस दौरान रक्षा मंत्री ने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उभरती तकनीकों को अपनाने पर जोर
रक्षा मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि आज का युग तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य का है। उन्होंने युवाओं को सुझाव दिया कि वे केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि बहुविषयक शिक्षा (Multidisciplinary Learning) को अपनाएं। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया:
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
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क्वांटम कंप्यूटिंग
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बायोटेक्नोलॉजी
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अंतरिक्ष अनुसंधान
युवा: 2047 के संकल्प के आधारस्तंभ
राजनाथ सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे ‘विकसित भारत’ की यात्रा के मुख्य चालक (Main Drivers) हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और अटूट इच्छाशक्ति ही भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य तक ले जाएगी।
सफलता का मंत्र: “बड़े सपने देखें, पर बोझ न बनने दें”
युवाओं को जीवन की बाधाओं से निपटने का मंत्र देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, “बड़े सपने देखना जरूरी है, लेकिन उन्हें खुद पर बोझ न बनने दें।” उन्होंने समझाया कि चुनौतियाँ जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और कठिन समय ही व्यक्ति के असली चरित्र और धैर्य का परीक्षण करता है।
शीर्ष सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री के साथ देश का शीर्ष सैन्य नेतृत्व भी मौजूद रहा, जिसमें शामिल थे:
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जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)
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जनरल उपेंद्र द्विवेदी, सेना प्रमुख
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तथा अन्य वरिष्ठ रक्षा अधिकारी।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर होगा समापन
युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम (10-12 जनवरी) युवाओं को राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व से जोड़ने का एक मंच है। इस संवाद श्रृंखला का भव्य समापन 12 जनवरी (राष्ट्रीय युवा दिवस) को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे।
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