सोमवार, सितंबर 07 2026 | 12:50:33 PM

तमिलनाडु चुनाव 2026: DMK-कांग्रेस गठबंधन में दरार? सत्ता में हिस्सेदारी की मांग पर स्टालिन का सख्त रुख

Saransh Kanaujia
3 Min Read

चेन्नई. तमिलनाडु की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ी हलचल देखी जा रही है। सत्तारूढ़ DMK और उसकी सहयोगी कांग्रेस के बीच ‘सत्ता में हिस्सेदारी’ (Power-sharing) को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य के सबसे मजबूत राजनीतिक गठबंधन—DMK और कांग्रेस—के बीच रिश्तों में खटास आने के संकेत मिल रहे हैं। DMK ने कांग्रेस की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें चुनाव जीतने के बाद कैबिनेट में जगह और सत्ता साझा करने की बात कही गई थी।

मुख्य घटनाक्रम: “गठबंधन सरकार का कोई विकल्प नहीं”

DMK के वरिष्ठ नेता और ग्रामीण विकास मंत्री आई. पेरियासामी ने रविवार को स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में गठबंधन सरकार की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा:

“मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन इस रुख पर अडिग हैं कि राज्य में हमेशा की तरह DMK अपने दम पर शासन करेगी। पार्टी का इतिहास रहा है कि उसने कभी गठबंधन सरकार नहीं बनाई और 2026 में भी यही स्थिति बनी रहेगी।”

कांग्रेस का तर्क: “केवल सीटें नहीं, अब सत्ता चाहिए”

कांग्रेस की ओर से इस बार गठबंधन की शर्तों में बदलाव की मांग की गई है। सांसद मणिकम टैगोर और प्रदेश प्रभारी गिरीश चोडनकर ने तर्क दिया है कि:

  • गारंटी पूरी करने के लिए सत्ता जरूरी: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे जनता से जो वादे (गारंटी) करते हैं, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार में शामिल होना अनिवार्य है।

  • राष्ट्रीय उदाहरण: कांग्रेस ने उदाहरण दिया कि जैसे केंद्र और अन्य राज्यों में सहयोगियों को कैबिनेट में जगह मिलती है, वैसे ही तमिलनाडु में भी होना चाहिए। मणिकम टैगोर ने यहाँ तक कहा कि “अब केवल सीटों के बंटवारे पर नहीं, बल्कि सत्ता की हिस्सेदारी पर बात करने का समय है।”

टकराव के प्रमुख बिंदु

विषयDMK का स्टैंडकांग्रेस की मांग
सरकार का स्वरूपपूर्ण बहुमत वाली एकल पार्टी सरकार।गठबंधन वाली कैबिनेट (Coalition Cabinet)।
ऐतिहासिक संदर्भ2006-2011 में भी बिना हिस्सेदारी के शासन किया।तब बिना शर्त समर्थन दिया था, अब भागीदारी चाहिए।
सीटों का गणितकांग्रेस को 30-32 सीटों का प्रस्ताव।कांग्रेस कम से कम 40 सीटों की मांग कर रही है।

‘विजय’ फैक्टर और नया विकल्प (TVK)

इस विवाद ने एक और नई संभावना को जन्म दे दिया है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी (TVK) के बढ़ते प्रभाव के बीच कांग्रेस के कुछ गुटों में चर्चा है कि यदि DMK मांगें नहीं मानती, तो कांग्रेस TVK के साथ हाथ मिला सकती है। TVK ने पहले ही कांग्रेस को अपना “स्वाभाविक मित्र” बताकर गठबंधन के द्वार खुले रखे हैं।

Related Post

Share This Article