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राहुल गांधी की इंस्टाग्राम पोस्ट पर छिड़ा विवाद: MeitY ने स्पष्ट की स्थिति, तकनीकी गड़बड़ी को बताया जिम्मेदार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली | सोमवार, 11 मई 2026

रविवार (10 मई 2026) को तमिलनाडु में एक ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव देखा गया, जहाँ अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय (C Joseph Vijay) ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस समारोह में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। राहुल गांधी ने इस दौरान विजय के साथ अपनी मुलाकात की एक रील और कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं।

कांग्रेस के अनुसार, यह रील देखते ही देखते वायरल हो गई और महज एक घंटे में इसे 1.2 करोड़ से अधिक व्यूज मिल गए। हालांकि, इसके तुरंत बाद कई यूजर्स को यह पोस्ट दिखना बंद हो गई और वहां एक नोटिस दिखाई दिया, जिसमें भारत के IT नियमों (2021) का हवाला देते हुए कंटेंट को प्रतिबंधित करने की बात कही गई थी।

कांग्रेस के तीखे आरोप

कांग्रेस नेता और राहुल गांधी के करीबी श्रीवत्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि मंत्रालय के निर्देशों के कारण ही इंस्टाग्राम ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि:

  • राहुल गांधी की आवाज को दबाने के लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की रीच (पहुंच) को जानबूझकर कम किया जा रहा है।

  • ‘मेटा’ (Meta) ने पोस्ट हटाने का कोई ठोस कारण नहीं बताया, बस मंत्रालय के नियमों का हवाला दिया गया।

  • कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को सेंसर करने का प्रयास बताया।

आईटी मंत्रालय (MeitY) का जवाब और स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ता देख इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों ने रविवार देर रात अपनी स्थिति साफ की। मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि:

  1. मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं: राहुल गांधी की पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए मंत्रालय की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था।

  2. ऑटोमैटिक सिस्टम की गलती: यह इंस्टाग्राम के अपने ‘इंटरनल ऑटोमैटिक सिस्टम’ की गलती थी, जिसने गलती से पोस्ट को फ्लैग (Flag) कर दिया था।

  3. पोस्ट बहाली: तकनीकी खामी को पहचानते हुए पोस्ट को अब बहाल (Restore) कर दिया गया है।

तकनीकी पहलू और ‘फ्लैगिंग’

अक्सर जब किसी हाई-प्रोफाइल अकाउंट की पोस्ट पर अचानक बहुत अधिक ट्रैफिक आता है या कई बॉट अकाउंट्स उसे ‘रिपोर्ट’ करते हैं, तो इंस्टाग्राम का AI आधारित सिस्टम उसे संदिग्ध मानकर ब्लॉक कर देता है। इस मामले में भी IT नियमों का जो नोटिस दिखा, वह संभवतः प्लेटफॉर्म के प्री-सेट एल्गोरिदम की वजह से था।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।