नई दिल्ली । गुरुवार, 14 मई 2026
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के घेरे में है। कथित पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हालिया छापेमारी और गिरफ्तारियों ने इस पूरे ‘सॉल्वर गैंग’ के नेटवर्क को बेनकाब करना शुरू कर दिया है।
CBI की देशव्यापी छापेमारी: कहाँ से कौन पकड़ा गया?
जाँच एजेंसी ने एक साथ कई राज्यों में दबिश दी है। अब तक की जाँच में कुल 12 आरोपितों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है:
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राजस्थान (जयपुर): यहाँ से 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर छात्रों को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के मुख्य कड़ी थे।
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बिहार (नालंदा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी): बिहार इस पूरे मामले का केंद्र बनकर उभरा है। यहाँ से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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हरियाणा (गुरुग्राम): यहाँ से 1 आरोपित को पकड़ा गया है।
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महाराष्ट्र (नासिक): नासिक से भी 1 व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है।
गिरफ्तार मुख्य आरोपितों के नाम
सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपितों में कुछ बड़े नाम शामिल हैं जो पहले भी परीक्षा धांधली में संदिग्ध रहे हैं:
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पंकज कुमार (मास्टरमाइंड की श्रेणी में संदिग्ध)
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हर्ष राज
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अमन कुमार सिंह
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अवधेश कुमार
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मनोज कुमार
30 से 50 लाख रुपये की डील का खुलासा
CBI की शुरुआती जाँच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि परीक्षा से पहले ही पेपर देने के नाम पर अभिभावकों और छात्रों से 30 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक वसूले गए थे। यह पैसा नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से लिया गया था।
डिजिटल सबूत और ‘व्हाट्सऐप-टेलीग्राम’ कनेक्शन
जाँच एजेंसियों ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं:
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मोबाइल फोन और लैपटॉप: जिनसे संदिग्धों के आपसी संपर्क का पता चला है।
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बैंक ट्रांजैक्शन: एजेंसी भारी मात्रा में हुए संदिग्ध लेनदेन की मनी ट्रेल खंगाल रही है।
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सोशल मीडिया ग्रुप्स: यह बात सामने आई है कि पेपर के अंश टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए सर्कुलेट किए गए थे।
Matribhumisamachar


