मंगलवार, मई 19 2026 | 03:20:25 PM
Breaking News
Home / राज्य / पूर्वोत्तर भारत / असम में ‘समान नागरिक संहिता’ को कैबिनेट की हरी झंडी: 26 मई को पेश होगा ऐतिहासिक बिल

असम में ‘समान नागरिक संहिता’ को कैबिनेट की हरी झंडी: 26 मई को पेश होगा ऐतिहासिक बिल

Follow us on:

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक करते हुए।

गुवाहाटी | गुरुवार, 14 मई 2026  

असम की राजनीति में एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ आने वाला है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली कैबिनेट ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के मसौदे को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। बीजेपी के प्रमुख चुनावी वादों में से एक, यह कानून अब विधायी रूप लेने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि 26 मई को राज्य विधानसभा सत्र के अंतिम दिन इस बिल को सदन के पटल पर रखा जाएगा।

एक्शन मोड में सीएम सरमा

हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और प्रशासनिक सख्ती के बीच, मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार राज्य के विकास और संवैधानिक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस निर्णय को असम के सामाजिक ढांचे में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

असम के UCC की प्रमुख विशेषताएं

असम का UCC मॉडल उत्तराखंड और गुजरात के नक्शेकदम पर चलते हुए भी अपनी क्षेत्रीय विशिष्टताओं को समेटे हुए है:

  • अनिवार्य पंजीकरण: शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य होगा। इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी दायरे में लाया जा रहा है।

  • आदिवासी समुदायों को पूर्ण छूट: असम की जनसांख्यिकी को ध्यान में रखते हुए, राज्य की ट्राइबल (आदिवासी) आबादी को इस कानून से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उनके पारंपरिक रीति-रिवाज, रस्में और विरासत के कानून पहले की तरह ही मान्य रहेंगे।

  • समान नागरिक अधिकार: यह बिल धर्म आधारित पर्सनल लॉ (जैसे विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेना) की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान सिविल कानून लागू करने की दिशा में कदम है।

इन राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा असम

वर्तमान में गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहां दशकों से UCC लागू है। हाल ही में उत्तराखंड ने इसे पारित किया है और गुजरात भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। असम इस सूची में शामिल होने वाला अगला प्रमुख राज्य बनेगा।

संवैधानिक मर्यादा और चुनावी वादा

मुख्यमंत्री सरमा ने पहले भी कहा था कि उनकी सरकार अपने घोषणापत्र और संवैधानिक नियमों के तहत काम करेगी। इस बार सदन में बीजेपी की मजबूत स्थिति और मुख्यमंत्री के कड़े रुख से यह साफ है कि 26 मई का दिन असम की न्यायिक और सामाजिक व्यवस्था के लिए एक नया अध्याय लिखेगा।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

असम विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम चार्ट और विजेता दलों की सूची।

असम चुनाव परिणाम 2026: भाजपा की ऐतिहासिक ‘हैट्रिक’, विपक्षी गठबंधन पस्त

गुवाहाटी । अपडेटेड : मंगलवार, 5 मई 2026 असम की राजनीति में एक नया अध्याय …