सना । मंगलवार, 14 जुलाई 2026
पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। पिछले चार वर्षों से चली आ रही अपेक्षाकृत शांति और युद्धविराम (Ceasefire) अब पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने सोमवार को सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर बड़ा हवाई हमला (Air Strike) करने का दावा किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य एक ईरानी विमान को उतरने से रोकना था। इस घटना के तुरंत बाद, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भारी जवाबी कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब की सीमा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दाग दिए हैं।
क्यों हुआ सना एयरपोर्ट के रनवे पर हमला?
यमन के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ईरान से एक विमान हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर यमन आ रहा था। यह प्रतिनिधिमंडल हाल ही में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने तेहरान गया था। यमन सरकार ने हूतियों से ईरानी विमान के बजाय यमन की राष्ट्रीय एयरलाइंस (Yemenia) का उपयोग करने का आग्रह किया था, जिसे हूतियों ने खारिज कर दिया।
सरकार का आरोप है कि हूती विद्रोही देश की संप्रभुता का उल्लंघन कर ईरानी विमानों को सीधे लैंडिंग की अनुमति दे रहे थे, जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। संप्रभुता की रक्षा के लिए यमन की सेना ने सना एयरपोर्ट के टेक-ऑफ और लैंडिंग रनवे को निशाना बनाया। हालांकि, हमला सीधे विमान पर नहीं किया गया था, जिसके बाद उस ईरानी विमान को मार्ग बदलकर हूती नियंत्रण वाले तटीय शहर हुदैदाह (Al Hudaydah) के हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड कराना पड़ा।
हूतियों का पलटवार: सऊदी अरब निशाने पर
सना हवाई अड्डे पर हुए इस हमले को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन सरकार की एक “आक्रामक और कायराना हरकत” करार दिया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी (Yahya Saree) ने घोषणा की कि 2022 से चल रहा शांति और तनाव-कम करने का दौर (De-escalation Phase) अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है।
इस बयान के कुछ ही घंटों के भीतर, हूतियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Abha International Airport) और दो प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार कर दी। हालांकि, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन (Saudi-led Coalition) ने दावा किया कि उनकी उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) ने इन सभी हमलों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और किसी भी बड़े नुकसान को टाल दिया। इस जवाबी हमले के साथ ही हूतियों ने वैश्विक एयरलाइंस कंपनियों को चेतावनी जारी की है कि वे सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र (Airspace) का उपयोग करने से बचें।
वैश्विक व्यापार और विमानन क्षेत्र पर मंडराया संकट
इस ताजा सैन्य टकराव के बाद यमन सरकार ने देश के सभी हवाई अड्डों को तत्काल प्रभाव से बंद करने और नागरिक उड़ानों को निलंबित करने का आदेश दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव आगे और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर न केवल अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन पर पड़ेगा, बल्कि रेड सी (लाल सागर) से होने वाले वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी इसका गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकता है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस बिगड़ते घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यूएन ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्धविराम की शर्तों का पालन करने, संयम बरतने और बातचीत की मेज पर वापस लौटने की अपील की है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1: यमन सरकार ने सना एयरपोर्ट पर हमला क्यों किया?
यमन सरकार ने ईरान से आ रहे एक विमान की अवैध लैंडिंग को रोकने और देश की हवाई संप्रभुता की रक्षा के लिए सना एयरपोर्ट के रनवे को निशाना बनाया।
Q2: क्या इस हमले में ईरानी विमान नष्ट हो गया?
नहीं, विमान पर सीधा हमला नहीं किया गया था। रनवे क्षतिग्रस्त होने के कारण विमान ने अपना रास्ता बदला और हूती नियंत्रण वाले हुदैदाह एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
Q3: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को निशाना क्यों बनाया?
हूती विद्रोहियों का मानना है कि यमन सरकार के इस हमले के पीछे सऊदी अरब का हाथ है। इसलिए उन्होंने बदले की कार्रवाई के रूप में सऊदी के अभा एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।
Q4: क्या यमन में 2022 का युद्धविराम खत्म हो गया है?
हूती प्रवक्ताओं के अनुसार, इस हमले के बाद शांति और डी-एस्केलेशन का दौर खत्म हो गया है, जिससे 4 साल की शांति अब बड़े खतरे में है।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। भू-राजनीतिक स्थितियों में तेजी से बदलाव हो सकते हैं, इसलिए नवीनतम अपडेट के लिए विश्वसनीय समाचार माध्यमों की पुष्टि अवश्य करें।
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