मंगलवार, फ़रवरी 24 2026 | 05:47:24 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / भारत-बांग्लादेश संबंधों का नया अध्याय: ओम बिरला होंगे तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह के विशेष अतिथि

भारत-बांग्लादेश संबंधों का नया अध्याय: ओम बिरला होंगे तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह के विशेष अतिथि

Follow us on:

ढाका में नवनिर्वाचित पीएम तारिक रहमान

नई दिल्ली. भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आगामी 17 फरवरी 2026 को ढाका में होने वाले नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। वे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन और नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान

विदेश मंत्रालय ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए इसे दोनों देशों के बीच “स्थायी मित्रता” का प्रतीक बताया है। मंत्रालय के अनुसार:

“लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति भारत की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दोहराती है। साझा इतिहास और आपसी सम्मान के आधार पर भारत, तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार का स्वागत करता है, जिसे जनता ने भारी बहुमत से चुना है।”

उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और कूटनीतिक रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुंबई में पूर्व-निर्धारित व्यस्तताओं के कारण इस समारोह में शामिल होने में असमर्थता जताई है। हालांकि, संबंधों की गंभीरता को देखते हुए भारत ने एक पावरफुल डेलीगेशन भेजने का निर्णय लिया है:

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: भारत के लोकतांत्रिक सदन का प्रतिनिधित्व करेंगे।

  • विदेश सचिव विक्रम मिसरी: वे ढाका में अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें सुरक्षा और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

प्रमुख चुनौतियां और उम्मीदें

भले ही पीएम मोदी ने फोन पर तारिक रहमान को जीत की बधाई देकर सकारात्मक शुरुआत कर दी है, लेकिन भविष्य की राह में कुछ पेचीदा मुद्दे भी शामिल हैं:

  1. शेख हसीना का मुद्दा: बीएनपी नेताओं द्वारा भारत में रह रहीं पूर्व पीएम शेख हसीना की वापसी की मांग संबंधों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

  2. सुरक्षा की गारंटी: भारत सरकार यह सुनिश्चित करना चाहेगी कि बीएनपी के पिछले कार्यकाल की तरह इस बार बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए न हो।

  3. विकास साझेदारी: व्यापार, जल-बंटवारा और क्षेत्रीय स्थिरता पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

एक सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने ‘पड़ोसी पहले’ की नीति के तहत व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है। केंद्र सरकार ने इस उच्च-स्तरीय भागीदारी के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन को एक अवसर के रूप में देख रही है और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने में किसी भी तरह की देरी नहीं करना चाहती।

matribhumisamachar.com/world/diplomatic-news

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

मलेशिया के बोर्नियो द्वीप पर भूकंप का केंद्र और गहराई दर्शाते हुए मानचित्र

मलेशिया के बोर्नियो में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, गहराई ने टाली बड़ी तबाही

कुआलालंपुर. दक्षिण-पूर्व एशिया के देश मलेशिया के पूर्वी हिस्से में स्थित बोर्नियो द्वीप (Borneo Island) …