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कानपुर में LPG की किल्लत की अफवाहों पर लगाम: प्रशासन सख्त, कालाबाजारी रोकने को कंट्रोल रूम सक्रिय

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कानपुर. शहर में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि कानपुर में एलपीजी (LPG) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पहले से बेहतर हुई है। कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए प्रशासन ने सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।

आपूर्ति में वृद्धि: पैनिक बुकिंग की जरूरत नहीं

प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी माह में शहर में प्रतिदिन लगभग 20,000 सिलेंडरों की खपत हो रही थी। मार्च के पहले 15 दिनों में मांग को देखते हुए इसे बढ़ाकर 21,000 सिलेंडर प्रतिदिन से अधिक कर दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में लॉजिस्टिक कारणों से डिलीवरी में मामूली देरी हुई थी, जिसे ‘गैस किल्लत’ समझकर लोगों ने पैनिक बुकिंग शुरू कर दी। प्रशासन ने साफ किया है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

शिकायत के लिए कंट्रोल रूम और व्हाट्सएप हेल्पलाइन जारी

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष कॉल सेंटर सक्रिय कर दिया है। यदि कोई एजेंसी संचालक या वेंडर आपसे निर्धारित मूल्य से अधिक की वसूली करता है या डिलीवरी में अनावश्यक देरी करता है, तो आप तुरंत इन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं:

  • कंट्रोल रूम (लैंडलाइन): 0512-2988763

  • व्हाट्सएप हेल्पलाइन: 6394616122

नोट: प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि इन नंबरों पर आने वाली हर शिकायत का त्वरित निस्तारण किया जाए और संबंधित एजेंसी के खिलाफ जवाबदेही तय की जाए।

छापेमारी और कानूनी कार्रवाई: 49 सिलेंडर बरामद

कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए गठित टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी तेज कर दी है। हाल ही में हुई कार्रवाई में:

  1. दो प्रमुख ठिकानों से 49 गैस सिलेंडर जब्त किए गए।

  2. अवैध रिफिलिंग में प्रयुक्त होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कांटा और उपकरण बरामद हुए।

  3. दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कड़ी निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता

सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के विपरीत, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर एजेंसी पर पुलिस की स्थाई तैनाती के बजाय ‘कड़ी प्रशासनिक निगरानी’ और औचक निरीक्षण की रणनीति अपनाई गई है। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन वितरण रजिस्टर की जांच करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सिलेंडर असली उपभोक्ताओं तक ही पहुँच रहे हैं।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सुझाव:

  • सिलेंडर लेते समय हमेशा डिजिटल वजन मशीन पर वजन चेक करें।

  • एजेंसी द्वारा जारी कैश मेमो में अंकित राशि से ₹1 भी अधिक न दें।

  • किसी भी प्रकार की कालाबाजारी की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें।

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