प्रयागराज | बुधवार, 22 अप्रैल, 2026
प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन के कायाकल्प (Redevelopment) की राह में एक ऐतिहासिक संरचना को लेकर विवाद गहरा गया है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने स्टेशन के सिटी साइड (पुरानी साइड) पर स्थित ‘संगमरमर मस्जिद’ को हटाने का नोटिस जारी किया है, जिसे लेकर मुस्लिम समुदाय और मस्जिद कमेटी में भारी आक्रोश है।
मुख्य विवाद क्या है?
रेलवे प्रशासन का दावा है कि यह मस्जिद रेलवे की अधिग्रहित भूमि पर अवैध रूप से बनी हुई है। स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस करने के लिए ₹960 करोड़ के पुनर्विकास प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर द्वारा 10 अप्रैल को जारी नोटिस के अनुसार, मस्जिद को 27 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह खाली कर हटाना होगा, अन्यथा रेलवे खुद बलपूर्वक कार्रवाई करेगा और इसका खर्च भी कमेटी से वसूलेगा।
वक्फ बोर्ड और ऐतिहासिक होने का दावा
मस्जिद कमेटी के सचिव एम. ए. परवेज और स्थानीय अधिवक्ताओं ने रेलवे के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कमेटी का तर्क है:
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यह मस्जिद ब्रिटिश कालीन है और साल 1950 में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में विधिवत (क्रम संख्या 161) पंजीकृत है।
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कमेटी का कहना है कि यह किसी की निजी संपत्ति नहीं बल्कि एक सार्वजनिक धार्मिक स्थल है।
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अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
अगला कदम: हाईकोर्ट की शरण
सूत्रों के अनुसार, मस्जिद कमेटी ने रेलवे के नोटिस को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने की पूरी तैयारी कर ली है। यदि 27 अप्रैल से पहले हाईकोर्ट से राहत या स्टे ऑर्डर नहीं मिलता है, तो प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
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