लखनऊ । बुधवार, 22 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश के चर्चित बलरामपुर अवैध धर्मांतरण रैकेट मामले में न्यायिक प्रक्रिया ने एक बड़ी प्रगति की है। लखनऊ स्थित NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की विशेष अदालत ने इस रैकेट के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके 7 सहयोगियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (Charges framed) कर दिए हैं।
विशेष न्यायाधीश नीतू पाठक ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। कोर्ट ने साक्ष्यों की जांच और गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 2 मई 2026 की अगली तारीख निर्धारित की है।
किन संगीन धाराओं में तय हुए आरोप?
जांच एजेंसियों द्वारा पेश की गई चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों पर निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत केस चलाने का आदेश दिया है:
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अवैध धर्मांतरण: उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम।
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यौन अपराध: सामूहिक दुराचार (Gangrape) और महिलाओं के साथ छेड़खानी।
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सामाजिक विद्वेष: दो समुदायों के बीच नफरत फैलाना और SC/ST एक्ट के तहत अत्याचार।
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देश विरोधी साजिश: भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने का षड्यंत्र और निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास।
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वित्तीय अपराध: धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग (ED की जांच के अनुसार)।
आरोपियों की सूची
कोर्ट ने जिन 8 लोगों को विचारण (Trial) के लिए आरोपित किया है, वे हैं:
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जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा (मुख्य सरगना)
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नीतू रोहरा उर्फ नसरीन
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सबरोज
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शहाबुद्दीन
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रशीद
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राजेश उपाध्याय
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महबूब (छांगुर बाबा का बेटा)
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नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन
मामले का बैकग्राउंड और खुलासे
जांच में यह सामने आया था कि छांगुर बाबा बलरामपुर की अपनी आलीशान कोठी से एक संगठित नेटवर्क चला रहा था।
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प्रलोभन और भय: यह गिरोह गरीब और दलित परिवारों को पैसे, नौकरी और शादी का लालच देकर या डरा-धमकाकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करता था।
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विदेशी फंडिंग: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में आरोपियों के खातों में 60 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध फंडिंग (विदेशी देशों सहित) का पता चला था।
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बुल्डोजर एक्शन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पिछले साल ही छांगुर बाबा की अवैध संपत्तियों और 70 कमरों वाली कोठी पर प्रशासन का बुल्डोजर चल चुका है।
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