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महाकाल मंदिर भस्म आरती के नियमों में बड़ा बदलाव: अब ऑफलाइन पर्ची सिस्टम खत्म, जानें नई ऑनलाइन व्यवस्था और शुल्क

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उज्जैन | बुधवार, 15 अप्रैल 2026

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। मंदिर प्रबंध समिति ने भस्म आरती के दर्शन की व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल करते हुए कई बड़े बदलाव किए हैं। अब श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगकर ऑफलाइन अनुमति लेने की मशक्कत नहीं करनी होगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समिति ने ऑफलाइन काउंटर को स्थायी रूप से बंद कर दिया है।

1. अब ‘डिजिटल’ हुई भस्म आरती: ऑफलाइन पर्ची व्यवस्था समाप्त

मंदिर समिति ने 9 अप्रैल से काउंटर पर मिलने वाली ऑफलाइन अनुमति प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर दिया है। पहले श्रद्धालुओं को रात-रात भर लाइन में लगकर अनुमति लेनी पड़ती थी, जिससे काफी अव्यवस्था होती थी। अब भस्म आरती की पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से ही संपन्न होगी।

2. ‘तत्काल कोटा’ शुरू: ₹200 में मिलेगी एंट्री

पहले जो 300 श्रद्धालुओं को प्रतिदिन निशुल्क ऑफलाइन अनुमति दी जाती थी, उसे अब ‘तत्काल ऑनलाइन कोटा’ में बदल दिया गया है। इसकी प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • शुल्क: इस कोटे के तहत प्रति व्यक्ति ₹200 का शुल्क देय होगा।

  • बुकिंग समय: दर्शन की तारीख से ठीक एक दिन पहले सुबह 8 बजे पोर्टल खुलेगा।

  • आधार: यह बुकिंग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत पर होगी।

3. एडवांस बुकिंग की अवधि में कटौती

समिति ने दूर-दराज से आने वाले भक्तों को समान अवसर देने के लिए एडवांस बुकिंग की समय सीमा घटा दी है:

  • पहले: श्रद्धालु 3 महीने पहले तक बुकिंग कर सकते थे।

  • अब: यह सीमा घटाकर केवल 1 महीना (30 दिन) कर दी गई है।

  • फायदा: इससे स्लॉट्स की कालाबाजारी रुकेगी और अधिक लोगों को दर्शन का मौका मिलेगा।

4. संध्या और शयन आरती के लिए भी ऑनलाइन स्लॉट

भस्म आरती के साथ-साथ अब अन्य प्रमुख आरतियों को भी ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ दिया गया है:

  • संध्या आरती: दोपहर 12 बजे बुकिंग शुरू, शुल्क ₹250 प्रति व्यक्ति।

  • शयन आरती: शाम 4 बजे बुकिंग शुरू, शुल्क ₹250 प्रति व्यक्ति।

5. निशुल्क दर्शन के लिए ‘चलित दर्शन’ व्यवस्था

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो श्रद्धालु आरती का विशेष पास या शुल्क नहीं ले सकते, उनके लिए ‘चलित दर्शन’ (Common Queue) की व्यवस्था जारी रहेगी। इसके माध्यम से सामान्य कतार में लगकर भगवान महाकाल के दर्शन बिना किसी शुल्क के किए जा सकेंगे।

मंदिर प्रशासन का संदेश: > “इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, बिचौलियों पर लगाम और श्रद्धालुओं को कतार मुक्त अनुभव देना है। सभी भक्तों से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग करें।”

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