सोमवार, अगस्त 17 2026 | 07:59:19 PM
Breaking News
Home / मनोरंजन / फिल्म समीक्षा: ‘आखिरी सवाल’ – क्या संजय दत्त की यह फिल्म सुलझा पाएगी इतिहास की अनकही गुत्थियां?

फिल्म समीक्षा: ‘आखिरी सवाल’ – क्या संजय दत्त की यह फिल्म सुलझा पाएगी इतिहास की अनकही गुत्थियां?

Follow us on:

मुंबई । शुक्रवार, 15 मई 2026

भारतीय सिनेमा में जब भी राजनीति और विचारधारा की बात आती है, तो अक्सर फिल्में किसी एक पक्ष की ओर झुक जाती हैं। लेकिन निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग की फिल्म ‘आखिरी सवाल’ एक अलग धरातल पर खड़ी नजर आती है। यह फिल्म केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बारे में नहीं है, बल्कि यह उस ‘संवाद’ के बारे में है जो आज के ध्रुवीकृत (Polarized) समाज में कहीं खो गया है।

कहानी का सारांश: पाँच सवाल जो हिला देंगे इतिहास

फिल्म की कहानी की धुरी हैं प्रो. गोपाल नाडकर्णी (संजय दत्त) और उनके छात्र विक्की हेगड़े (नमाशी चक्रवर्ती) विक्की एक ऐसा छात्र है जो संघ की विचारधारा का घोर विरोधी है और अपने शोध में उसे ‘देशद्रोही’ साबित करने पर तुला है। विवाद तब बढ़ता है जब प्रोफेसर उसे एक थप्पड़ जड़ देते हैं, जिससे पूरे कैंपस में उबाल आ जाता है।

कहानी तब दिलचस्प मोड़ लेती है जब विक्की प्रोफेसर से पांच कठिन सवाल पूछने की चुनौती देता है। ये सवाल महात्मा गांधी की हत्या, बाबरी विध्वंस और संघ पर लगे प्रतिबंधों जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़े हैं। शुरुआती सवाल कॉलेज की चहारदीवारी में पूछे जाते हैं, लेकिन आखिरी सवाल एक नेशनल टीवी डिबेट में पूरी दुनिया के सामने आता है।

अभिनय और निर्देशन: संजय दत्त का नया अवतार

  • संजय दत्त: इस फिल्म में संजय दत्त ‘लार्जर दैन लाइफ’ एक्शन हीरो नहीं, बल्कि एक शांत, गंभीर और अनुभवी विद्वान की भूमिका में हैं। उनके चेहरे का ठहराव और संवाद अदायगी फिल्म की रीढ़ है।

  • नमाशी चक्रवर्ती: मिथुन चक्रवर्ती के बेटे नमाशी ने इस फिल्म में खुद को साबित किया है। एक गुस्सैल लेकिन तार्किक छात्र के रूप में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली है।

  • सहायक कलाकार: अमित साध ने एक न्यूज एंकर के रूप में अपनी भूमिका के साथ न्याय किया है। समीरा रेड्डी, नीतू चंद्रा और त्रिधा चौधरी ने भी छोटे लेकिन महत्वपूर्ण किरदारों में फिल्म को मजबूती दी है।

फिल्म के मजबूत और कमजोर पक्ष

पक्ष विवरण
मजबूत पक्ष फिल्म का विषय साहसी है और संवाद (Dialogue) बहुत प्रभावशाली हैं।
कमजोर पक्ष फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कभी-कभी बहुत लाउड (Melodramatic) हो जाता है।
निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक अभिजीत ने संवेदनशील मुद्दों को संतुलित रखने की कोशिश की है।

नवीनतम जानकारी (Fact Check 2026)

  • रिलीज की जानकारी: फिल्म आज यानी 15 मई 2026 को हिंदी के साथ-साथ तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में भी रिलीज हुई है।

  • विचारधारा: फिल्म संघ की केवल प्रशंसा नहीं करती, बल्कि उसके इतिहास पर लगे दागों पर चर्चा करने का साहस भी दिखाती है। फिल्म का मुख्य संदेश “संवाद बनाम विवाद” है।

निष्कर्ष: क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए?

यदि आप इतिहास के उन पन्नों को पलटना चाहते हैं जिनसे अक्सर बचा जाता है, और आप संजय दत्त को एक नए, मैच्योर अवतार में देखना चाहते हैं, तो ‘आखिरी सवाल’ आपके लिए एक मस्ट-वॉच फिल्म है। यह फिल्म आपको जवाब तो देगी ही, साथ ही आपके मन में नए सवाल भी पैदा करेगी।

रेटिंग: ⭐⭐⭐½ (3.5/5)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

Kangana Ranaut in Bharat Bhhagya Viddhaata movie scene on ZEE5

OTT Releases 14 August 2026: स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर Netflix, ZEE5 और Lionsgate Play पर आईं धमाकेदार फ़िल्में

मुंबई | शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 अगर आप इस स्वतंत्रता दिवस के लंबे वीकेंड (Independence …