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भारत का विकास मॉडल भी भारतीय परिस्थितियों व विचार के अनुरूप होना चाहिए –  डॉ. कृष्णगोपाल जी 

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस संघ शताब्दी वर्ष

नई दिल्ली. 15 जनवरी। भाऊराव देवरस सेवा न्यास के प्रकल्प ‘समर्थ भारत’ द्वारा गुरुवार को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘कौशल विकास से समर्थ युवा, समर्थ युवा से समर्थ भारत’ विषय पर ‘विचार गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी मुख्य वक्ता तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी मुख्य अतिथि रहीं। मोतीलाल ओसवाल फाइनैन्शियल सर्विसेस के सह – संस्थापक एवं अध्यक्ष मोतीलाल ओसवाल जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने देश की वर्तमान रोजगार, शिक्षा और विकास की स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सामाजिक-आर्थिक संरचना विश्व के अन्य देशों से भिन्न है, इसलिए यहां विकास का मॉडल भी भारतीय परिस्थितियों व विचार के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज देश में बड़ी संख्या में शिक्षित युवा हैं, लेकिन उन्हें उनके अनुरूप रोजगार नहीं मिल पा रहा। दूसरी ओर, जिन क्षेत्रों में लाखों रोजगार उपलब्ध हैं, वहां प्रशिक्षित युवाओं का अभाव है। यह स्थिति एक गंभीर विरोधाभास को दर्शाती है। ड्राइवर, प्लंबर, वेल्डर, मैकेनिक, मोबाइल रिपेयरिंग, एसी-फ्रिज मरम्मत जैसे क्षेत्रों में लाखों रोजगार की संभावना है, लेकिन इनके लिए प्रशिक्षण केंद्रों की भारी कमी है। उन्होंने उद्योग जगत और समाज के सामर्थ्यवान लोगों से आह्वान किया कि वे आगे आकर प्रशिक्षण की जिम्मेदारी लें।

सह सरकार्यवाह जी ने कहा कि भारत की परंपरा सरकार पर निर्भर रहने की नहीं, बल्कि समाज के स्वावलंबन की रही है। इतिहास में शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में समाज ने स्वयं संस्थाएं खड़ी कीं। आज भी आवश्यकता है कि समाज आगे आकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास के केंद्र स्थापित करे।

दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य हर एक भारतीय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 140 करोड़ की जो जनसंख्या है, यह लायबिलिटी नहीं है, यह एसेट है। इसको यदि हमने एसेट के रूप में माना और इस पर काम करना शुरू किया तो निश्चित रूप में भारत की जितनी समस्याएं हैं, हमें उसका समाधान भी सीधा-सीधा नजर आने लगेगा।

वर्तमान में समर्थ भारत द्वारा छह राज्यों में 87 कौशल विकास केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। आने वाले समय में पूरे भारत में और केन्द्र खोलने की योजना है। आज के कार्यक्रम में अनेक उद्योग समूहों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में समर्थ भारत के संरक्षक रमेश अग्रवाल जी, भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अध्यक्ष ओमप्रकाश गोयल जी, स्वागत अध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल जी, सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

साभार : विश्व संवाद केंद्र

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