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Noida Worker Violence: श्रमिक हिंसा के पीछे ‘विदेशी हाथ’? नोएडा पुलिस का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान कनेक्शन और 62 गिरफ्तारियाँ

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लखनऊ | गुरुवार, 16 अप्रैल, 2026

दिल्ली से सटे औद्योगिक शहर नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर भड़की श्रमिक हिंसा ने अब एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय साजिश का रूप ले लिया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस आगजनी और उपद्रव के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में अब तक 62 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 600 से अधिक संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं।

डिजिटल साजिश: पाकिस्तान से ‘X’ और दक्षिण भारत से ‘WhatsApp’ कनेक्शन

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के अनुसार, इस हिंसा की स्क्रिप्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लिखी गई थी। जांच में पाया गया कि:

  • पाकिस्तानी हैंडल: कम से कम दो ऐसे ‘X’ (ट्विटर) हैंडल की पहचान की गई है जो सीधे तौर पर पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर रहे थे। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

  • QR कोड और सिंडिकेट: दंगाइयों ने श्रमिकों को एकजुट करने के लिए QR कोड आधारित व्हाट्सऐप ग्रुप्स का सहारा लिया। ये ग्रुप्स तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों से ऑपरेट किए जा रहे थे।

  • टेलीग्राम का इस्तेमाल: दूर-दराज के राज्यों से संचालित टेलीग्राम ग्रुपों के माध्यम से श्रमिकों को उकसाने और लोकेशन शेयर करने के लिए डिजिटल ट्रेल छोड़ी गई है।

‘मजदूर बिगुल दस्ता’ पर शिकंजा: 18 नेता गिरफ्तार

हिंसा को जमीन पर उतारने के आरोप में “मजदूर बिगुल दस्ता” नामक संगठन पुलिस के रडार पर है। पुलिस ने संगठन के प्रमुख रूपेश राय सहित 18 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस का दावा: जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई लोग वास्तव में फैक्ट्री वर्कर नहीं हैं, बल्कि वे “बाहरी तत्व” हैं जो केवल माहौल बिगाड़ने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में घुसपैठ कर रहे थे।

एसटीएफ (STF) की पैनी नजर: 500 वीडियो और 17 ग्रुप्स की जांच

उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) अब इस मामले की तकनीकी कड़ियों को जोड़ रही है।

  1. वीडियो एनालिसिस: हिंसा के दौरान के 500 से अधिक वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पत्थरबाजी और आगजनी करने वाले चेहरों की पहचान हो सके।

  2. 17 संदिग्ध व्हाट्सऐप ग्रुप: पुलिस ने 17 ऐसे बड़े ग्रुप्स की पहचान की है जहाँ से ‘टूलकिट’ की तरह निर्देश साझा किए जा रहे थे।

प्रशासनिक सख्ती: 70% उद्योगों में काम बहाल

जिलाधिकारी मेधा रूपम और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है।

  • शांति मार्च: पुलिस ने संवेदनशील गांवों (जैसे सेक्टर-62, 63, 81 और 84 के आसपास) में शांति मार्च निकाला।

  • इंडस्ट्रियल रिकवरी: औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 70 प्रतिशत काम फिर से शुरू हो गया है। पुलिस ने उद्यमियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है।

मुख्य आंकड़े एक नजर में:

  • कुल मुकदमे: 13 (FIR)

  • कुल गिरफ्तारियां: 62

  • हिरासत में लिए गए: 600+

  • जांच एजेंसियां: नोएडा पुलिस, एसटीएफ और साइबर सेल।

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