नई दिल्ली । शुक्रवार, 17 जुलाई 2026
संसद का आगामी मानसून सत्र इस बार बेहद ऐतिहासिक और विधायी रूप से गहमा-गहमी वाला होने जा रहा है। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी हालिया बुलेटिन के अनुसार, मोदी सरकार इस सत्र में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 (Prevention of Insults to National Honour Amendment Bill, 2026) पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी वही कानूनी संरक्षण और सम्मान दिलाना है, जो वर्तमान में हमारे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है।
वंदे मातरम् के अपमान पर 3 साल की कैद का प्रावधान
कैबिनेट द्वारा हाल ही में पारित किए गए इस नए मसौदे के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी सभा या कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकता है, इसमें किसी भी तरह की बाधा डालता है या हंगामा खड़ा करता है, तो उसे कानूनी रूप से दंडित किया जाएगा। इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को अधिकतम 3 साल तक के कारावास की सजा या जुर्माना, अथवा दोनों भुगतने पड़ सकते हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वपूर्ण बिल को सबसे पहले संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में पेश करेंगे। भाजपा का स्पष्ट रुख है कि स्वतंत्रता संग्राम की मुख्य चेतना रहे ‘वंदे मातरम्’ को पिछली सरकारों ने वोट बैंक और एक वर्ग विशेष के विरोध के आगे घुटने टेकते हुए वह उचित स्थान नहीं दिया, जिसका यह हकदार था। अब इस संशोधन के जरिए इसे राष्ट्रगान के समकक्ष सम्मानजनक दर्जा दिया जाएगा।
सदन में बहुमत को लेकर आश्वस्त है सरकार
इस विधेयक को पारित कराने के लिए यदि दो-तिहाई विशेष बहुमत की भी आवश्यकता पड़ती है, तो सरकार के रणनीतिकार सदन में पर्याप्त संख्या बल को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, इस कानून को सर्वसम्मति या भारी बहुमत से पास कराने के लिए सरकार विपक्ष की कुछ क्षेत्रीय पार्टियों, विशेषकर द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के शीर्ष नेताओं से भी निरंतर संपर्क साध रही है।
FCRA संशोधन विधेयक 2026 भी होगा पारित
इस मानसून सत्र में केवल राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा बिल ही नहीं, बल्कि विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) को भी विचार और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
बता दें कि इस बिल को पूर्व में बजट सत्र के दौरान ही लोकसभा में पेश कर दिया गया था, लेकिन उस समय केरल में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर और कुछ परमार्थ (NGO) व ईसाई धार्मिक संगठनों के कड़े विरोध के कारण सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब चुनाव संपन्न होने के बाद सरकार इस पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 क्या है?
उत्तर: यह मूल कानून भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे- राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा), संविधान, और राष्ट्रगान (जन गण मन) का अपमान करने या अनादर करने वाले कृत्यों को रोकने और सजा देने के लिए बनाया गया था। अब 2026 के संशोधन द्वारा इसमें ‘राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम्)’ को भी शामिल किया जा रहा है।
प्रश्न 2: वंदे मातरम् बिल में अधिकतम कितनी सजा का प्रावधान है?
उत्तर: इस नए संशोधन विधेयक के तहत राष्ट्रीय गीत के गायन में व्यवधान डालने या जानबूझकर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
प्रश्न 3: FCRA संशोधन विधेयक को पहले क्यों रोक दिया गया था?
उत्तर: बजट सत्र के दौरान केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण कुछ ईसाई चैरिटी संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की ओर से इसके प्रावधानों का विरोध हो रहा था, जिसके चलते राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए इसे आगे नहीं बढ़ाया गया था।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन की जानकारी पर आधारित है। विधायी प्रक्रियाओं और बिल के अंतिम मसौदे में संसद के पटल पर रखे जाने के बाद बदलाव संभव हैं।
Matribhumisamachar


