रांची | रविवार, 19 अप्रैल 2026
झारखंड के बोकारो जिले में आस्था का एक नया केंद्र आकार ले रहा है। चास प्रखंड के खमारबेंदी गांव में झारखंड के सबसे बड़े भगवान परशुराम मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर में प्रतिमाओं की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के लिए पांच दिवसीय महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हो चुका है।
🔱 आस्था का जनसैलाब: दामोदर से इजरी नदी तक भक्ति की धारा
शुक्रवार को मंदिर परिसर से तेलमच्चो पुल स्थित दामोदर नदी तट तक एक ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली गई। भीषण गर्मी और बढ़ते पारे के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था।
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2100 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर यात्रा की शोभा बढ़ाई।
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पूरे रास्ते में जय श्रीराम और जय परशुराम के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा।
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सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह ‘सेवा शिविर’ लगाकर श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल और शरबत की व्यवस्था की।
🗓️ विशेष कार्यक्रम: कब क्या होगा?
वाराणसी से आए विद्वान पंडितों की टोली और आचार्य राघव दास के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुष्ठान किए जा रहे हैं:
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19 अप्रैल (रविवार): मंडप पूजन, गणपति पूजन एवं विशेष हवन।
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20 अप्रैल (सोमवार): मंदिर के शिखर की स्थापना और विशेष आहुतियां।
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21 अप्रैल (मंगलवार): महाआरती, पूर्णाहुति और महाप्रसाद के साथ समापन।
🎤 भागवत कथा: अंतरराष्ट्रीय कथावाचिका प्राची देवी का आगमन
इस आध्यात्मिक महोत्सव को और भी खास बना रही हैं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचिका प्राची देवी। 18 से 20 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम को उनके मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान श्रद्धालु कर रहे हैं। उनके प्रवचनों को सुनने के लिए बोकारो के अलावा धनबाद और पुरुलिया से भी हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।
🏛️ मंदिर की खासियत: क्यों है यह खास?
आयोजन समिति ‘परशुराम सेवा समाज’ के अनुसार, यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि वास्तुकला की दृष्टि से भी भव्य है।
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इसे झारखंड का सबसे विशाल परशुराम मंदिर होने का गौरव प्राप्त है।
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इजरी नदी के तट पर स्थित होने के कारण इसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांति अद्वितीय है।
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सुरक्षा के लिहाज से चास और आसपास के थानों की पुलिस बल तथा ट्रैफिक जवान मुस्तैद हैं ताकि भीड़ नियंत्रण और यातायात सुचारू बना रहे।
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