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गयाजी में भक्ति का सैलाब: 15 साल बाद विष्णुपद मंदिर में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ शुरू, 501 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

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पटना | रविवार, 19 अप्रैल 2026

मोक्षनगरी गया के विश्व प्रसिद्ध श्री विष्णुपद मंदिर परिसर में शनिवार से विश्व शांति और लोक कल्याण की कामना के साथ ‘श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ’ का शंखनाद हो गया है। करीब डेढ़ दशक (15 वर्ष) के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रहे इस महायज्ञ को लेकर न केवल स्थानीय निवासियों, बल्कि देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

501 कलशों से भक्तिमय हुआ नगर, सूर्यकुंड में हुई जलभरी

महायज्ञ के प्रथम दिन शनिवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। इसमें 501 महिलाओं और युवतियों ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर नगर भ्रमण किया। गाजे-बाजे, ऊंट और घोड़ों के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे शहर को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

  • यात्रा मार्ग: मंदिर परिसर से शुरू होकर यह यात्रा चांद चौरा, नवागढ़ी, जीबी रोड और कोतवाली जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए ऐतिहासिक सूर्यकुंड सरोवर पहुंची।

  • अनुष्ठान: सूर्यकुंड पर आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलभरी की रस्म संपन्न कराई गई, जिसके बाद श्रद्धालु पुनः यज्ञ शाला लौटे।

26 अप्रैल तक गूंजेंगे मंत्र, ये है पूरा कार्यक्रम

महायज्ञ का विधिवत संचालन कर्नाटक के प्रसिद्ध विद्वान आचार्य यादवाचार्य के सानिध्य में किया जा रहा है। आयोजन की मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:

  • 19 अप्रैल (आज): अग्निस्थापना, वेदी पूजन और मंडप प्रवेश।

  • 20 – 25 अप्रैल: प्रतिदिन सुबह-शाम हवन, पूजन और विशेष धार्मिक अनुष्ठान।

  • 26 अप्रैल: महायज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल भंडारा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजकों ने कूपन प्रणाली रखी है, जिससे आम भक्त भी यज्ञ कुंड में आहुति डाल सकेंगे।

डॉ. सरोज मृणाल की आवाज में बहेगी ‘राम कथा’ की गंगा

यज्ञ के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान के लिए मंदिर परिसर में एक विशाल पंडाल बनाया गया है। यहाँ प्रसिद्ध कथावाचिका डॉ. सरोज मृणाल ब्रजवासी द्वारा प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक श्रीराम कथा का वाचन किया जाएगा। कथा के पहले दिन ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।

सुरक्षा का ‘चक्रव्यूह’: 55 कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर

भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ‘अलर्ट मोड’ पर है:

  • डिजिटल निगरानी: पूरे परिसर में 55 सीसीटीवी कैमरे (30 अस्थायी और 25 स्थायी) लगाए गए हैं।

  • कंट्रोल रूम: मंदिर के पास ही एक अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहाँ से पुलिस अधिकारी 24 घंटे गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

  • फोर्स तैनाती: महिला और पुरुष पुलिस बल के साथ-साथ स्वयंसेवकों को भी तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजन में असुविधा न हो।

महत्वपूर्ण जानकारी: यदि आप इस महायज्ञ में शामिल होना चाहते हैं, तो विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के कार्यालय से संपर्क कर पूजन सामग्री और हवन में शामिल होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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