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धर्मनगरी हरिद्वार की पवित्रता से खिलवाड़: प्रशासन की सख्ती और हमारी नैतिक जिम्मेदारी

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हरिद्वार | मंगलवार, 19 मई 2026

उत्तराखंड की देवभूमि और विशेष रूप से बाबा भोलेनाथ व मां गंगा की पावन नगरी हरिद्वार सदियों से करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था का मुख्य केंद्र रही है। लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स और व्यूज’ बटोरने की अंधी दौड़ और कुछ व्यावसायिक चूकों के कारण धर्मनगरी की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाले मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में प्रतिबंधित क्षेत्र में नॉनवेज खाना डिलीवर होने और हरकी पैड़ी पर एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

1. प्रतिबंधित क्षेत्र में नॉनवेज डिलीवरी: हरकत में आया नगर निगम

हरिद्वार एक पूर्णतः मांस-मदिरा प्रतिबंधित और पवित्र घोषित क्षेत्र है। कानूनन यहाँ इन चीजों की बिक्री या परिवहन वर्जित है। इसके बावजूद कुछ ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों द्वारा अनजाने में या तकनीकी खामी के कारण इस वर्जित क्षेत्र में मांसाहारी भोजन डिलीवर करने की शिकायतें सामने आईं, जिस पर स्थानीय हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

इस संवेदनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए हरिद्वार नगर निगम प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। निगम की ओर से ऑनलाइन कूरियर व राइडिंग कंपनी रैपिडो (Rapido) को एक आधिकारिक ईमेल भेजकर सख्त चेतावनी दी गई है।

नगर निगम की चेतावनी: प्रशासन ने कंपनी को अपने डिजिटल मैप और एल्गोरिदम में सुधार करने के साथ-साथ अपने सभी राइडर्स को कड़े निर्देश देने को कहा है ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार की नॉनवेज सामग्री की डिलीवरी दोबारा न हो।

2. हरकी पैड़ी पर रील का जुनून: ‘जीवित पत्नी का पिंडदान’

आस्था से खिलवाड़ का दूसरा और सबसे हैरान कर देने वाला मामला विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी घाट से सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित (वायरल) हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपनी पत्नी की तस्वीर पर पहले थूकता है और फिर उसे गंगा जी में प्रवाहित कर देता है।

  • क्या है वायरल दावे की सच्चाई?: शुरुआती दावों के अनुसार, वह व्यक्ति अपनी पत्नी की अत्यधिक रील बनाने और सोशल मीडिया की लत से इस कदर परेशान था कि उसने गुस्से में आकर अपनी जीवित पत्नी का ही ‘पिंडदान’ कर दिया।

  • संभावित सुधार व जांच: हालांकि, तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि सनातन धर्म में जीवित व्यक्ति का पिंडदान या इस तरह का कृत्य पूरी तरह वर्जित और पाप की श्रेणी में आता है। इस शर्मनाक हरकत के पीछे पारिवारिक विवाद है या केवल इंटरनेट पर ‘फेमस’ होने का कोई घटिया हथकंडा (स्टंट), पुलिस और खुफिया तंत्र इसकी गहन जांच कर रहे हैं। तीर्थ पुरोहितों और हिंदूवादी संगठनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

3. गंगा घाटों पर लगातार टूटती मर्यादा की कड़वी हकीकत

यह कोई पहला अवसर नहीं है जब गंगा मैया के आंचल को इस तरह के कृत्यों से मैला करने की कोशिश की गई हो। यदि हम पिछले कुछ समय के घटनाक्रमों पर नजर डालें तो ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जो तीर्थयात्रियों की मानसिकता पर सवाल उठाती हैं:

  • कुत्ते को नहलाने का विवाद: कुछ ही दिनों पहले एक महिला द्वारा पवित्र गंगा जल में अपने पालतू कुत्ते को नहलाने का वीडियो सामने आया था, जिसका स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया था।

  • अश्लीलता और नशाखोरी: पवित्र घाटों पर फिल्मी गानों पर अभद्र डांस करना, रील्स बनाना और कुछ हुड़दंगी युवकों द्वारा गंगा किनारे बैठकर शराब पीने व हुक्का बार जैसा माहौल बनाने के वीडियो भी अक्सर सामने आते रहते हैं, जिन पर पुलिस ‘ऑपरेशन मर्यादा’ के तहत कार्रवाई भी करती है।

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